राज्य
02-May-2026
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इन्दौर (ईएमएस) शाक्यवार कोरी समाज की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथविधी समारोह शाक्यवार मांगलिक भवन में वयोवृद्ध समाजसेवी सुंदरलाल धीमान कप्तान के मुख्यातिथ्य में सम्पन्न हुआ, जिसमें 31 सदस्यीय पुरुष एवं 21 सदस्यीय महिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर कोरी/कोली समाज की दशा और दिशा बदलने का संकल्प लिया। नवागत पदाधिकारियों को पार्षद श्रीमती विनीता मोर्य एवं धर्मेंद्र मोर्य ने शपथ दिलाई। इस अवसर पर मोर्य ने मांगलिक भवन की तीसरी मंजिल के निर्माण के लिए 51 हजार रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रुप में अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि हम पावन भारत भूमि के मूल निवासी हैं, जिसने विश्व को शांति, समता, ममता और बंधुत्व का संदेश दिया। हम ऐसे महामानव तथागत भगवान बुद्ध के वंशज हैं, जिन्हें पूरा संसार विश्व गुरु के रूप में नमन करता है। ​शाक्यवार कोली समाज के इस गरिमामय आयोजन में आज हम यहाँ केवल एकत्र नहीं हुए हैं, बल्कि बुद्ध के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सार्थक करने का संकल्प लेने आए हैं। श्री महावर ने कहा कि हम भगवान बुद्ध का स्मरण तो करते हैं, और उनके चित्रों के सामने शीश भी नवाते हैं, लेकिन क्या वास्तव में हम उनके चरित्र को अपने जीवन में उतार रहे हैं? सच तो यह है कि हमारे भीतर कहीं न कहीं अहंकार रूपी रावण बैठा हुआ है। उन्होंने कहा कि हम बुद्ध के मार्ग की बात करते हैं, लेकिन चलते रावण के मार्ग पर हैं। ​आज समाज में फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई जा रही है। अपनों को ही नीचा दिखाना, एक-दूसरे के प्रति ईर्ष्या कर समाज को अंदर ही अंदर खोखला कर रहे हैं, क्या यही बुद्ध की शिक्षा है? शिक्षाविद् मदनलाल धीमान ने कहा कि ​शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वह दहाड़ेगा। यदि हम चाहते हैं कि हमारी भावी पीढ़ी नई दिशा में आगे बढ़े, तो हमें उन्हें विवाद नहीं, बल्कि विचार और संस्कार देने होंगे। हमें उनके लिए एक ऐसा सशक्त समाज तैयार करना होगा जहाँ द्वेष की जगह विकास हो। ​वयोवृद्ध समाज सेवी सुंदरलाल धीमान कप्तान ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर तथागत के सिद्धांतों पर चलने का सच्चा प्रण करने तथा अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संकल्प दौहराया। वहीं महापंचायत के संयोजक कैलाशचंद्र चौधरी ने गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए बुद्ध के बताए मार्ग का अनुशरण करने की बात कही। इस अवसर पर दिनेश वर्मा दानिश, अर्जुन सिंह शाक्यवार, हेमराज वर्मा, हीरालाल वर्मा, ओमप्रकाश धीमान आदि ने भी विचार रखे। अतिथी स्वागत नवनिर्वाचित अध्यक्ष हीरालाल सोनोटिया, मानसिंह सोनोटिया, बालकृष्ण शाक्य, नीरज झिरवार, प्रकाश जारोलिया, श्रीमती सीमा दंदेलिया, इन्द्रा जारोलिया, पार्वती कांसोटिया आदि ने किया। संचालन कोषाध्यक्ष दिनेश शाक्यवार ने एवं आभार हीरालाल सनोटिया ने माना। आनंद पुरोहित/ 02 मई 2026 ​