झांसी (ईएमएस)। झांसी में ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए नवाबाद थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष उपाध्याय को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार यह मामला करीब 100 करोड़ रुपये के ऑनलाइन मैच सट्टा सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। - तीन सटोरियों को पहले ही किया जा चुका है अरेस्ट बताया जा रहा है कि 29 अप्रैल को पुलिस ने तीन सटोरियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने आशीष उपाध्याय का नाम उजागर किया और करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन की जानकारी भी दी। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। मामले की भनक लगते ही आशीष उपाध्याय झांसी से फरार होकर दिल्ली पहुंच गया, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 1 मई को उसे चाणक्यपुरी से गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। आरोपी के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा है। बताया जाता है कि वह लंबे समय से सत्ताधारी दल से जुड़ा रहा है और खुद को सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। सोशल मीडिया पर उसके कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह अपने राजनीतिक जुड़ाव की बात करता नजर आ रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और किसी भी आरोपी को उसके प्रभाव या पहचान के आधार पर राहत नहीं दी जाएगी। - अवैध संपत्तियों की जांच जारी इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस सिंडिकेट में कई अन्य बड़े नाम शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को रडार पर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इधर, झांसी पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है। हाल के दिनों में दर्जनों सटोरियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने भी पुलिस को इस अभियान में पूरा सहयोग देने की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि जिले को सट्टेबाजी जैसे अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। - ईएमएस /3मई