क्षेत्रीय
03-May-2026
...


तूफान में उड़ी तिरपाल, प्रशासन ने नुकसान बताया कम बालाघाट (ईएमएस). जिले में शनिवार को आई आंधी-तूफान और तेज बारिश ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं रेलवे स्टेशन परिसर में रखा सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेहूं भी भीग गया। घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार विदिशा से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को वितरण के लिए करीब 600 क्विंटल गेहूं की खेप बालाघाट पहुंची थी। यह गेहूं लगभग 13 हजार बोरियों में रेलवे स्टेशन परिसर में रखा गया था, जो पिछले तीन दिनों से शेड के बाहर खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ था। बावजूद इसके गेहूं को सुरक्षित नहीं किया गया था। हालांकि, प्रशासन के दावे के बीच यह घटना लापरवाही की बड़ी तस्वीर भी सामने ला रही है, जिस पर जवाबदेही तय होना जरूरी है। चेतावनी के बाद भी बने रहे लापरवाह मौसम में लगातार बदलाव और बारिश की चेतावनी के बावजूद गेहूं को सुरक्षित स्थान पर रखने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। शनिवार को अचानक आई तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण तिरपाल भी उड़ गई, जिससे गेहूं की बोरियां भीग गईं। इस मामले में परिवहनकर्ता और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद अनाज को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट नहीं करना जिम्मेदारों की उदासीनता को दर्शाता है। 60-70 बोरियां आंशिक रुप से भीगी-पुरी वहीं, प्रभारी जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम हरिश पुरी ने बताया कि करीब 13 हजार बोरियों में गेहूं रखा गया था। बारिश की आशंका के चलते बोरियों को तिरपाल से ढका गया था, लेकिन तेज आंधी के कारण तिरपाल उड़ गई। उनके अनुसार लगभग 60-70 बोरियों का सामने का हिस्सा ही भीगा है, जबकि शेष गेहूं सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि भीगी हुई बोरियों को अलग रखकर जांच की जाएगी। यदि गेहूं वितरण योग्य नहीं पाया जाता है, तो उसकी भरपाई संबंधित परिवहनकर्ता से की जाएगी। भानेश साकुरे / 03 मई 2026