नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में न्यायिक अधिकारी अमन कुमार शर्मा की मौत मामले ने अब गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। इस केस में दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत एफआइईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई मृतक जज के पिता की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामला दक्षिण दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव थाने में दर्ज हुआ है। एफआईआर में कई लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें मृतक जज की पत्नी स्वाती मलिक उनकी साली और तीस हजारी कोर्ट में कार्यरत जज स्वाति मलिक शामिल हैं। इसके अलावा उनकी कजिन और जम्मू-कश्मीर में तैनात आईएएस अधिकारी निधि मलिक, स्वाति मलिक के माता-पिता और एक अन्य व्यक्ति का भी नाम एफआईआर में दर्ज किया गया है।पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से गंभीरता से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीम ने शुरुआती जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यह मामला न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है और जांच के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हैं। ईएमएस / 03 मई 2026