लखनऊ (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ओमप्रकाश राजभर के विवादित बयान को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री राजभर ने बलिया में बयान देते हुए यादव समाज पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यादव समाज के लोग दंगा करने और दूसरों का हक छीनने में लगे रहते हैं। साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पहले मुगलों और अंग्रेजों के दौर में भी वे दमन का हिस्सा रहे हैं। राजभर के इस बयान के बाद सपा ने कड़ा विरोध जताया। सपा प्रवक्ता अशोक यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि पूरे समाज को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने राजभर को रेजांग ला बटले का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि उस युद्ध में यादव सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी सेना में यादव समाज की बड़ी भागीदारी है और वे देशहित में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सपा ने आरोप लगाया कि राजभर भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रहे हैं और समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यादव समाज हमेशा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की रक्षा करता रहा है। इस विवाद के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में इसका असर सियासी समीकरणों पर भी पड़ सकता है। ईएमएस / 03 मई 2026