अंतर्राष्ट्रीय
04-May-2026
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ईरान के बूढ़े फाइटर जेट ने भेदा अमेरिका का चक्रव्यूह तेहरान (ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश की सैन्य साख पर गहरे सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अत्याधुनिक तकनीक और अजेय माने जाने वाले अमेरिकी रक्षा तंत्र को ईरान के एक लगभग 40 साल पुराने लड़ाकू विमान ने न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे ध्वस्त भी कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंप बुहेरिंग के भीतर मची तबाही से अमेरिका को करीब 5 बिलियन डॉलर (42,000 करोड़ रुपये) से ज्यादा का आर्थिक झटका लगा है। इस हमले में कमांड सेंटर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर और विमान हैंगर को सीधा निशाना बनाया गया। दर्जनों विमान और एयरस्ट्रिप के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कई वेयरहाउस पूरी तरह तबाह हो गए हैं। यह घटना साबित करती है कि युद्ध कौशल और सटीक रणनीति के सामने आधुनिक तकनीक भी फेल हो सकती है। ईरान अब तक कतर, बहरीन और सऊदी अरब सहित सात देशों में मौजूद 11 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना चुका है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। खबर है कि ईरान के पुराने पड़ चुके एफ-5 टाइगर -फाइटर जेट ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे कैंप बुहेरिंग पर हमला कर ट्रंप प्रशासन को अरबों डॉलर का चपत लगाई है। कोल्ड-वॉर युग का यह विमान, जिसे आधुनिक हवाई युद्ध में आउटडेटेड या कबाड़ माना जाता है, अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम और हाई-टेक रडार कवरेज के जाल को भेदने में सफल रहा। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, ईरानी पायलट ने रडार से बचने के लिए बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरने (नेप-ऑफ-द-अर्थ) की रणनीति अपनाई। जब तक अमेरिकी डिफेंस सिस्टम हरकत में आता, तब तक यह फाइटर जेट अपना काम कर चुका था। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान पर भीषण हमले शुरू किए थे। इस हमले के दौरान हुई एक बड़ी चूक ने अमेरिका को और अधिक शर्मसार कर दिया। अफरातफरी के माहौल में कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के विमान की सही पहचान नहीं कर सका और उसने जवाबी कार्रवाई में अपने ही सहयोगी देश के तीन अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमानों को मार गिराया। हालांकि, इस फ्रेंडली फायर में सभी 6 क्रू मेंबर्स सुरक्षित बच निकले, लेकिन अमेरिका को तीन आधुनिक विमानों का भारी सामरिक नुकसान झेलना पड़ा। वीरेंद्र/ईएमएस 04 मई 2026