मैक्सिको सिटी (ईएमएस)। मिली नवीनतम जानकारी के अनुसार, उत्तर अमेरिकी देश मैक्सिको की राजधानी मैक्सिको सिटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हर महीने 2 सेंटीमीटर से अधिक की दर से लगातार नीचे धंस रहा है। अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच जुटाए गए आंकड़ों ने इस चौंकाने वाले तथ्य की पुष्टि की है, जिसकी वैज्ञानिकों ने पहले से ही आशंका व्यक्त की थी। इस गंभीर स्थिति का मुख्य कारण शहर के नीचे से भूगर्भ जल का अत्यधिक दोहन बताया जा रहा है। मैक्सिको सिटी का निर्माण एक ऐसी जमीन पर हुआ है जो कभी बड़े झीलों के विशाल तंत्र का हिस्सा थी। इन झीलों को समय के साथ सुखाकर शहरी विकास किया गया, लेकिन यह नींव अब अत्यधिक अस्थिर साबित हो रही है। जब शहर के नीचे से बड़ी मात्रा में पानी निकाला जाता है, तो यह पुरानी झीलों की मिट्टी को सिकुड़ने और बैठने के लिए मजबूर करता है, जिससे पूरा शहर धीरे-धीरे नीचे धंसता चला जाता है। इस धंसाव का असर शहर के प्रतिष्ठित स्मारकों पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। 1910 में स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ पर निर्मित एंजल ऑफ इंडिपेंडेंस स्मारक इसका एक ज्वलंत उदाहरण है। इस 30 मीटर से अधिक ऊंचे स्मारक को धंसने से बचाने के लिए इसके चारों ओर 14 सीढ़ियां जोड़नी पड़ी हैं, जो अब शहर के निरंतर नीचे जाने का एक दुखद प्रतीक बन गई हैं। हालांकि मैक्सिको सिटी का धंसाव कोई नई समस्या नहीं है, निसार सैटेलाइट द्वारा प्राप्त जानकारी इसकी गंभीरता और दायरे को कहीं अधिक स्पष्टता से दर्शाती है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और नासा द्वारा संयुक्त रूप से 2025 में लांच किया गया निसार मिशन, दो उन्नत रडार सिस्टम से लैस है जो घने जंगलों या दुर्गम इलाकों में भी जमीन की छोटी से छोटी हलचल को सटीकता से ट्रैक कर सकता है। यह नई जानकारी न केवल समस्या को उजागर करती है, बल्कि यह भी चेतावनी देती है कि यदि पानी के प्रबंधन और उपयोग में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति कहीं अधिक भयावह हो सकती है। आशीष/ईएमएस 04 मई 2026