राष्ट्रीय
04-May-2026
...


नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के महीनों में आई कूटनीतिक ठंडक के बाद अब रिश्तों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। इसी दिशा में एक अहम कदम उठाकर ढाका ने भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों में वीजा सेवाएं फिर से बहाल की हैं। यह फैसला दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, बीते कुछ समय में बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण वीजा सेवाएं प्रभावित हुई थीं। लेकिन नई सरकार के गठन के बाद द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने के प्रयास तेज हुए हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान ने अपने हालिया भारत दौरे के दौरान मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद ढाका स्थित सरकार ने वीजा सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने की प्रक्रिया तेज की। वर्तमान में नई दिल्ली, कोलकाता, अगरतला, मुंबई और चेन्नई में स्थित बांग्लादेश के सभी वीजा केंद्र फिर से सक्रिय हो चुके हैं। बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह के अनुसार, दिसंबर में वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी थीं, लेकिन फरवरी से उन्हें चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू किया गया है। भारत की ओर से भी इस दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने फरवरी में ढाका का दौरा किया था, जो ओम बिरला के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था। यह दौरा नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर हुआ था। नई सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों ने संबंधों को संतुलित करने और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। इससे पहले मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में कुछ मुद्दों को लेकर रिश्तों में खटास देखी गई थी। वीजा सेवाओं के सामान्य होने से व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक यात्राओं को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई थी 2023 में जहां यह संख्या 21.2 लाख थी, वहीं 2025 में घटकर 4.7 लाख रह गई। ऐसे में वीजा सेवाओं की बहाली से इस गिरावट को रोकने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलेगी। आशीष/ईएमएस 04 मई 2026