लंदन (ईएमएस)। विश्व क्रिकेट में आजकल बल्लेबाजों का ही बोलबाला है और मैच एक प्रकार से बल्लेबाजी प्रधान हो गये हैं। वहीं गेंदबाज कमजोर पड़ते जा रहे हैं। इससे मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसान के साथ ही बड़ी पारियां देखने को मिल रही हैं। वहीं अगर विश्व क्रिकेट इतिहास पर गौर करें तो एक से बढ़कर एक गेंदबाज रहे हैं जिनका सामना करना बल्लेबाज के लिए खौफनाक रहा है। इन गेंदबाजों ने जिस प्रकार चाहा है बल्लेबाजों को नचाया। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 4000 हजार से अधिक विकेट लेने वाले विलफ्रेड रोड्स सहित इन गेंदबाजों का दबदबा है। विलफ्रेड रोड्स : इसमें सबसे ऊपर हैं विलफ्रेड रोड्स, जिन्होंने गेंदबाजी के लगभग सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। 1898 से 1930 तक 32 वर्षों के अपने शानदार करियर में, रोड्स ने कुल 1110 मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 1,85,742 गेंदें फेंककर, मात्र 16.72 की औसत से कुल 4204 विकेट लिए। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनके 4204 विकेट आज भी एक ऐसा शिखर हैं, जिस तक पहुंचा भी अब संभव सा लगता है। पी. फ्रीमैन : वहीं के पी. फ्रीमैन का, जिन्होंने 1914 से 1936 के बीच अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। मात्र 592 मैचों में फ्रीमैन ने 3776 विकेट लेकर अपनी धाक जमाई। उन्होंने 1,54,658 गेंदें फेंकीं और एक पारी में 10 विकेट (10/53) लेने का अविश्वसनीय कारनामा भी किया। उनका औसत 18.42 रहा है। सीडब्ल्यूएल. पार्कर : अगला नाम है सीडब्ल्यूएल. पार्कर का, जिन्होंने 1903 से 1935 तक अपनी स्पिन कला से बल्लेबाजों को परेशान किया। 635 मैचों के करियर में पार्कर ने 3278 विकेट अपने नाम किए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 10/79 था, जो उस युग के गेंदबाजों की सटीकता और नियंत्रण को दर्शाता है। वे 19.46 की औसत से बल्लेबाजी की कमर तोड़ने के लिए जाने जाते थे। जेटी. हर्न : 1888 से 1923 के बीच क्रिकेट खेलने वाले जेटी. हर्न ने 639 मैचों में 3061 विकेट लिए हैं। 1,44,470 गेंदें फेंकने वाले हर्न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 9/32 था। 17.75 की शानदार औसत के साथ, वे उस दौर के सबसे प्रभावी और किफायती गेंदबाजों में से एक थे। टीडब्ल्यूजे. गोडार्ड : टीडब्ल्यूजे. गोडार्ड ने साल 1922 से 1952 तक गोडार्ड ने 593 मैचों में 2979 विकेट लिए। उन्होंने 1,42,211 गेंदों का सामना बल्लेबाजों को कराया और 10/113 का बेहतरीन स्पेल भी दिया। उनका 19.84 का औसत रहा है। इन पांचों दिग्गजों की कहानी सिर्फ विकेटों की संख्या नहीं, बल्कि अपनी कला और समर्पण को दिखाया है। गिरजा/ईएमएस 04मई 2026