राष्ट्रीय
04-May-2026
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-सनातन को मिटाने वालों को जनता ने नकारा -तमिलनाडु रुझानों पर सियासी संग्राम तेज -टीवीके की बढ़त से बदला राजनीतिक समीकरण चेन्नई,(ईएमएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत दे दिए हैं। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टवीके) 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। वहीं सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन करती नजर आ रही है। इसी बीच मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर तीखा हमला बोला है। एक बातचीत के दौरान तिवारी ने कहा, कि जो लोग सनातन को मिटाने की बात कर रहे थे, उन्हें तमिलनाडु की जनता ने नकार दिया है। उन्होंने डीएमके नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए इसे जनता के जनादेश से जोड़ने की कोशिश की। रुझानों के अनुसार डीएमके करीब 50 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) लगभग 70 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए दूसरे स्थान पर नजर आ रही है। इस प्रकार राज्य की राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबला साफ दिखाई दे रहा है, जिसमें टीवीके निर्णायक बढ़त बनाती दिख रही है। चुनाव से पहले डीएमके के कुछ नेताओं के बयान भी चर्चा में रहे थे। खासतौर पर उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया था। भाजपा सहित विपक्षी दल लगातार इन बयानों को मुद्दा बनाते रहे हैं और अब चुनावी रुझानों के बीच इन्हें हार के कारण के रूप में पेश किया जा रहा है। फिलहाल मतगणना जारी है और अंतिम नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। यदि ये रुझान परिणामों में तब्दील होते हैं, तो तमिलनाडु की राजनीति में एक नई शक्ति के उदय के साथ बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हिदायत/ईएमएस 04मई26