04-May-2026
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हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा मनीला(ईएमएस)। फिलीपींस के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक, मेयोन ज्वालामुखी में रविवार को हुए ताजा विस्फोट के बाद मनीला के दक्षिणी हिस्सों में हड़कंप मच गया है। ज्वालामुखी से निकलते लावा और राख के गुबार को देखते हुए प्रशासन ने हजारों लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांच स्तरीय चेतावनी प्रणाली में अलर्ट लेवल 3 घोषित किया है। इसका स्पष्ट अर्थ है कि मैग्मा अब सतह के बेहद करीब पहुंच चुका है और आने वाले कुछ हफ्तों या दिनों में एक अत्यंत खतरनाक और बड़ा विस्फोट होने की प्रबल आशंका है। संस्थान की ओर से जारी तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, ज्वालामुखी की कई घाटियों में लावा का बहाव शुरू हो गया है। इसके साथ ही बीच-बीच में स्ट्रॉम्बोलियन प्रकार की गतिविधियां देखी जा रही हैं, जिनमें छोटे धमाकों के साथ लावा के ऊंचे फव्वारे फूट रहे हैं। ज्वालामुखी के दक्षिण-पश्चिमी ढलान पर लगातार पायरोक्लास्टिक डेंसिटी करंट (पीडीसी), यानी गर्म गैसों और राख का तीव्र प्रवाह दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर ज्वालामुखी के छह किलोमीटर के स्थायी खतरे वाले क्षेत्र को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है और इसे आठ किलोमीटर तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, संभावित हवाई दुर्घटनाओं को टालने के लिए ज्वालामुखी के समीपवर्ती क्षेत्रों में विमानों के उड़ने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि विस्फोट के कारण चट्टानें गिरने, भूस्खलन और लावा के फव्वारों के साथ-साथ लाहार का खतरा भी बना हुआ है। लाहार ज्वालामुखी से निकलने वाली राख और मलबे की वह खतरनाक बाढ़ है, जो भारी बारिश के कारण कीचड़ के रूप में तेजी से नीचे की ओर बहती है। अब तक लगभग 1,325 परिवार इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। क्विटागो, मागुइरोन, सैन फ्रांसिस्को और पोब्लासिओन जैसे दर्जन भर गांवों में सुरक्षा कारणों से पानी की आपूर्ति सीमित कर दी गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए लोक निर्माण और राजमार्ग विभाग की टीमों को सड़कों की सफाई और बाधाओं को हटाने के लिए तैनात किया गया है। सामाजिक कल्याण और विकास विभाग द्वारा राहत शिविरों में परिवारों को खाने के पैकेट, रेडी-टू-ईट भोजन और स्वच्छता किट बांटे जा रहे हैं। जल शोधन इकाइयां भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। फिलहाल पूरा क्षेत्र हाई अलर्ट पर है और प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/04मई 2026