राष्ट्रीय
04-May-2026


लखनऊ (ईएमएस)। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न हो जाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी अपना सारा ध्यान उत्तर प्रदेश में केन्द्रित करने जा रही है। इसी के मद्देनजर सूबे में राजनीतिक हलचल भी अब तेज हो चली है। भाजपा में संगठनात्मक बदलाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों के अनुसार योगी आदित्यनाथ की नई टीम का गठन इसी सप्ताह हो सकता है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी नेतृत्व ने करीब 16 नामों पर मंथन किया है, जिनमें योगी सरकार पहले कार्यकाल के कुछ पुराने चेहरे भी शामिल हैं। अप्रैल और मार्च के दौरान दिल्ली और लखनऊ में संगठन की कई अहम बैठकें हुईं, जिनमें मंत्रियों के कामकाज का फीडबैक लिया गया। इस क्रम में भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने मार्च में लखनऊ प्रवास के दौरान मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा की। इसके अलावा प्रदेश नेतृत्व ने केंद्रीय स्तर पर बीएल संतोष, अमित शाह और नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर फीडबैक साझा किया। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए जाएंगे। ब्राह्मण प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा है और दो से तीन नए चेहरों को शामिल करने की संभावना जताई जा रही है। यदि सभी को जगह नहीं मिल पाती, तो कुछ नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बदलाव की संभावना जताई जा रही है, जहां से दो से तीन नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। इसके साथ ही जाट और गुर्जर समाज के बीच संतुलन बनाने को लेकर भी मंथन जारी है। सूत्र बताते हैं कि सारी कवायद प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए फार्मूले’ की काट के लिए मंत्रिमंडल में दलित और ओबीसी वर्ग से नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। वहीं, महिला प्रतिनिधित्व में भी बदलाव की संभावना है और दो महिला मंत्रियों की जगह नए चेहरों को अवसर देने पर विचार चल रहा है। जितेन्द्र 04 मई 2026