अंतर्राष्ट्रीय
04-May-2026


होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर ईरान का मिसाइल अटैक तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में शांतिवार्ता के प्रयासों के बीच अमेरिका और इजराइल के बीच टकराव बढऩे लगा है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक अमेरिकी नेवी शिप पर दो मिसाइलें दागीं। हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद उसे पीछे हटना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला तब किया गया जब अमेरिकी जहाज ईरानी नौसेना की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए होर्मुज से गुजरने की कोशिश की। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड सेंटकॉम ने होर्मुज में अपने किसी भी नौसैनिक जहाज पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी सेना प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत काम कर रही है। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिकी सेना इस इलाके में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करेगी और किसी भी रुकावट का कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं लेबनान में हिजबुल्लाह और इजराइली सेना के बीच जमीनी लड़ाई शुरू हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के वादी राज इलाके में दोनों पक्षों के बीच झड़पें हो रही हैं। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस जमीनी लड़ाई में मशीनगनों और सीधे दागे जाने वाले गोले (शेलिंग) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इजराइली आर्मी ने दावा किया है कि गाजा पट्टी में उसने हमास के एक ऐसे लड़ाके को मार गिराया, जो युद्ध के दौरान इजराइल पर रॉकेट हमलों में शामिल था। सेना के मुताबिक, यह लड़ाका गाजा के उत्तरी इलाके में सैनिकों के पास आते हुए देखा गया था। इसके बाद सैनिकों ने उसे मार गिराया। विदेशी नौसेना जहाजों को सुरक्षा देने होर्मुज नहीं आए ईरान के सीनियर सैन्य अधिकारी मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने होर्मुज को लेकर विदेशी नौसेनाओं को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी विदेशी नौसेना इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के नाम पर एंट्री न करे। अब्दोल्लाही ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजराइल हमले के कारण वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के समर्थक देशों को सावधान रहना चाहिए और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे उन्हें बाद में पछताना पड़े। अमेरिका की आक्रामक कार्रवाई से स्थिति और बिगड़ेगी और इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को खतरा होगा। हमारे खिलाफ छेड़ा गया जंग गैरकानूनी ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि इलाके में अमेरिका के सहयोगी देश भी जानते हैं कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल का युद्ध कानूनी नहीं है, बल्कि यह एकतरफा कदम है जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ जाता है। तेहरान में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बघाई ने कहा कि इस युद्ध में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल सभी देश जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय नेताओं, जिनमें जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज शामिल हैं, ने माना है कि इस युद्ध की वजह से यूरोप और पूरी दुनिया को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। मिडिल ईस्ट संकट के बीच चीन जाएंगे राष्ट्रपति ट्रम्प शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच होने वाली बैठक 14-15 मई को होगी। चीनी सूत्रों के मुताबिक, चीन इस बात को भी समझ रहा है कि ईरान के साथ चल रहे लंबे संघर्ष ने बातचीत में उसकी स्थिति कुछ मजबूत कर दी है। ट्रम्प-जिनपिंग अप्रैल में मिलने वाले थे लेकिन यह बैठक जंग की वजह से टल गई थी। चीन इस बैठक को बहुत अहम मौका मान रहा है, क्योंकि इससे दुनिया की दो बड़ी ताकतों के बीच लंबे समय के लिए स्थिर संबंध बनाए जा सकते हैं। हालांकि चीन पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। सरकार के अंदर ही अलग-अलग राय हैं कि इस जटिल हालात में आगे कैसे बढ़ा जाए। सबसे बड़ी चिंता हॉर्मुज को लेकर है, जहां से चीन अपनी लगभग एक-तिहाई तेल और गैस की जरूरत पूरी करता है। अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो ट्रम्प की चीन यात्रा पर असर पड़ सकता है। एक चीनी अधिकारी ने कहा कि ट्रम्प की यह यात्रा सामान्य नेताओं की यात्राओं जैसी नहीं है। उनका कार्यकाल दुनिया की राजनीति पर लंबे समय तक असर डाल सकता है और अमेरिका अपने हितों को देखने का तरीका भी बदल चुका है। अधिकारी के मुताबिक, यह यात्रा सफल होती है या नहीं, इससे भविष्य में चीन और अमेरिका के रिश्तों की दिशा तय होगी, चाहे आगे चलकर अमेरिका में किसी भी पार्टी की सरकार क्यों न आए। विनोद उपाध्याय / 04 मई, 2026