क्षेत्रीय
04-May-2026
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शाजापुर (ईएमएस)। परमात्मा का स्मरण करने से मनुष्य के पाप कट जाते हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। वर्तमान समय में बच्चों के लिए समय कैंप के साथ संस्कार शिविर भी जरूरी है जहां वे अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक अवधारणा से जुड़ सकें। उक्त आशीर्वचन मातृहृदया परम पूज्य जैनसाध्वी अमितगुणाश्रीजी म.सा.की प्रशिष्या मननकीर्तिश्रीजी म.सा.ने स्थानीय ओसवाल सेरी स्थित जैन उपाश्रय में महावीर पाठशाला द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संस्कार शिविर के समापन अवसर पर बच्चों को प्रदान किए। इस अवसर पर पूज्य साध्वी धेर्यकीर्तिश्रीजी म.सा.भी विराजित रहे। समापन दिवस पर शिविर का शुभारंभ जैन साध्वियों के मंगलाचरण के साथ हुआ और उन्होंने बच्चों को धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। तत्पश्चात शिविर संचालिका विनीता चोपड़ा ने धार्मिक पाठशाला एवं संस्कारों का महत्व समझाया। वहीं पंकज मांडलिक ने द्विदल के बारे में जानकारी के साथ नियमों के पालन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। सौरभ नारेलिया ने बताया कि हर आत्मा परमात्मा बन सकती है। जरुरत है तो सिर्फ आत्म अवलोकन की। आशुतोष चोपड़ा ने बच्चों को बताया कि परमात्मा से मित्रता के लिए बच्चों को प्रेरित किया। डॉ. पराग जैन ने पांच महाव्रत के बारे में बताते हुए योग एवं प्राणायाम का अभ्यास करवाया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी। इस दौरान शिविर संचालिका ज्योति जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर निक्षय नारेलिया ने नवकारसी सहित रात्रि भोजन त्याग का नियम लिया। शिविर के दौरान प्रतिदिन रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की गई, जिसके पुरस्कारों का वितरण बच्चों को किया गया। शिविर के सफल आयोजन में संचालिका समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसमें ज्योति जैन, विनीता चोपड़ा, हेमा जैन, बिंदू जैन, रीना धारीवाल, रजनी जैन, अंकिता जैन एवं इशिका गोलेछा उपस्थित रहीं। ईएमएस / 04/05/2026