राष्ट्रीय
05-May-2026
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आप छोड़ बीजेपी में शामिल सांसदों पर विवाद नई दिल्ली,(ईएमएस)। पंजाब की राजनीति में उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) के छह राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) में शामिल होने के मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम भगवंत मान ने कहा कि कुछ सांसदों द्वारा पार्टी बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि पूरी पार्टी दो-तिहाई बहुमत से विलय करती है तो यह स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन, सिर्फ 6-7 लोगों का ऐसा कदम मनमानी है। मुख्यमंत्री मान ने आरोप लगाया कि पंजाब में भाजपा के केवल 2 विधायक हैं, लेकिन राज्यसभा में उसके 6 सदस्य हो गए हैं, जो “संविधान का मजाक” है। उन्होंने इस मुद्दे पर “राइट टू रिकॉल” जैसे संवैधानिक संशोधन की भी मांग उठाई। उल्लेखनीय है कि भगवंत मान अपने साथ लगभग 90 विधायकों को लेकर दिल्ली पहुंचे थे। वहीं दूसरी ओर, आप छोड़ भाजपा में शामिल हुए नेताओं, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने के बाद उन्हें पंजाब की सरकारी मशीनरी के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। राघव चड्ढा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आप बदले की राजनीति कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह “खतरनाक खेल” है और इसके परिणाम भी गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा, “आप के पास एक राज्य की पुलिस है, जबकि हमारे पास 21 राज्यों की पुलिस है,” जिसे लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस पर पलटवार करते हुए भगवंत मान ने सवाल उठाया कि क्या यह बयान विपक्ष को डराने के लिए दिया गया है। उन्होंने कहा कि “कानून अपना काम करेगा” और किसी के खिलाफ कार्रवाई केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगी। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब सहित राष्ट्रीय राजनीति में दल-बदल, संवैधानिक प्रावधानों और राजनीतिक नैतिकता पर नई बहस छेड़ दी है। हिदायत/ईएमएस 05मई26