राष्ट्रीय
05-May-2026


-सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का दबदबा कायम, कांग्रेस प्रभारी ने दिया इस्तीफा गुवाहाटी,(ईएमएस)। पूर्वोत्तर के प्रमुख राज्य असम में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 101 सीटें जीतकर तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया। वहीं इस बार के चुनाव में खास बात यह रही कि राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे इस चुनाव में हार गए हैं। इनमें गौरव गोगोई, देबब्रत सैकिया और दिगंता बर्मन शामिल हैं। असम में एनडीए की जीत के साथ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत कर ली है। सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने जलुकबाड़ी सीट से लगातार छठी बार जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नेओग को 89 हजार से अधिक मतों से हराया। इस जीत के बाद राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे सरमा को भाजपा का प्रमुख रणनीतिकार और प्रचारक माना जा रहा है। गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी ने 82 सीटें जीतीं, जबकि सहयोगी दल बोडो पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद को 10-10 सीटों पर सफलता मिली। विपक्ष की बात करें तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 19 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। वहीं, बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाली एआईयूडीएफ और अखिल गोगोई के रायजोर दल ने 2-2 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को एक सीट मिली। कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट सीट से भाजपा के हितेंद्रनाथ गोस्वामी के खिलाफ हार गए। इसके अलावा, कई वरिष्ठ नेताओं को भी पराजय का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणामों की एक खास बात यह रही कि राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे भी इस बार जीत हासिल नहीं कर सके। इनमें गौरव गोगोई (पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र), देबब्रत सैकिया (पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया के पुत्र) और दिगंता बर्मन (पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री भूमिधर बर्मन के पुत्र) शामिल हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह ने पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए असम प्रभारी महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। हिदायत/ईएमएस 05मई26