06-May-2026
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मुंबई (ईएमएस)। हाल ही में सोशल मीडिया पर अभिनेत्री जान्हवी कपूर के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के कुछ हिस्सों को गलत संदर्भ में वायरल किया गया। इसके बाद इंटरनेट पर गलतफहमी फैल गई कि जान्हवी कपूर नशे की लत या शराब की समस्या से जुड़े अपने निजी अनुभव साझा कर रही थीं। हालांकि अब इस पूरे मामले पर मानसिक स्वास्थ्य संगठन अमाहा और ‘ऑफ द रॉक्स’ की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की गई है। दरअसल, जान्हवी कपूर हाल ही में उद्यमी और पॉडकास्ट होस्ट राज शमानी के शो में नजर आई थीं। बातचीत के दौरान मानसिक स्वास्थ्य, नशे की समस्या और सहयोगी भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी। लेकिन सोशल मीडिया पर इंटरव्यू के कुछ छोटे हिस्सों को अलग तरीके से पेश किया गया, जिसके कारण कई लोगों ने यह मान लिया कि अभिनेत्री खुद किसी प्रकार की एडिक्शन समस्या का सामना कर चुकी हैं। बढ़ती गलतफहमी के बाद अमाहा और ‘ऑफ द रॉक्स’ ने संयुक्त बयान जारी करते हुए साफ किया कि जान्हवी कपूर ने इस चर्चा में एक केयरगिवर और सहयोगी के रूप में हिस्सा लिया था। बयान में कहा गया कि वह उन लोगों के अनुभवों को समझने और उनके समर्थन की बात कर रही थीं, जो नशे की समस्या से जूझ रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि जान्हवी कपूर ने कहीं भी यह दावा नहीं किया कि वह खुद शराब या किसी अन्य एडिक्शन की शिकार रही हैं। संगठन ने यह भी कहा कि बातचीत को गलत संदर्भ में प्रस्तुत करने से न केवल इंटरव्यू के मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचा है, बल्कि उन लोगों के अनुभवों का भी अनादर हुआ है, जो वास्तव में नशे की समस्या से जूझ रहे हैं या अपने परिवार और दोस्तों के जरिए ऐसे हालात का सामना कर रहे हैं। अमाहा और ‘ऑफ द रॉक्स’ के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य और एडिक्शन जैसे संवेदनशील विषयों को सनसनीखेज तरीके से पेश करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। बयान में मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की गई कि वे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ जानकारी साझा करें। संगठन ने कहा कि केवल क्लिक और व्यूज हासिल करने के लिए भ्रामक नैरेटिव तैयार करना उन लोगों के प्रति असम्मानजनक है, जो गंभीर मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों से गुजर रहे हैं। अमाहा और ‘ऑफ द रॉक्स’ ने अंत में दोहराया कि उनका उद्देश्य एडिक्शन, रिकवरी और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ईमानदार, सटीक और संवेदनशील संवाद को बढ़ावा देना है। सुदामा/ईएमएस 06 मई 2026