खेल
06-May-2026
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मुम्बई (ईएमएस)। पूर्व क्रिकेटर से कमेंटेटर बने संजय मांजरेकर ने कहा है कि युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने टी20 क्रिकेट में धूम मचा रखी है पर उनके लिए राष्ट्रीय टेस्ट टीम में जगह बनाना आसान नहीं रहेगा। मांजरेकर ने माना कि जिस प्रकार से वैभव 15 साल की उम्र में खेल रहे हैं उससे वह भारतीय टीम में जगह बनाने लिए सभी योग्यताएं हासिल कर चुके हैं। उनका मानना है कि वैभव अंतररष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आते हैं हालांकि ये उनक लिए आसान नहीं रहेगा। इसका कारण है कि भारतीय टीम के पास पहले से ही शुभमन गिल और यशस्वी जयसवानल जैसे बेहतरीन सलामी बल्लेबाज हैं। वैभव ने अपने पिछले साल के पहले आईपीएल सत्र में ऐतिहासिक शतक लगाकर क्रिकेट जगत को हैरान किया दिया था। इसके बाद, उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। इस साल के अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भी उनकी 175 रनों की रिकार्ड पारी भी शामिल रही। ऐसे में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से आईपीएल के तुरंत बाद उन्हें सीधे राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की मांग बढ़ गयी थी। मांजरेकर भी मानते हैं कि वह टी20 टीम के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, आईपीएल को भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने के एक मंच के तौर पर देखते हुए, और साथ ही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन पर भी नजर रखते हुए। जहां उन्होंने महाराष्ट्र के ख़िलाफ़ एक शतक भी बनाया है। मुझे लगता है कि उन्होंने अब तक काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर कोई खिलाड़ी इस तरह से इस बड़े मंच पर खेल रहा है, तो इसका मतलब है कि वह पूरी तरह से तैयार है। मांजरेकर ने साथ ही ये भी कहा कि टीम में पहले से ही शुभमन और यशस्वी जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, ऐसे में सूर्यवंशी को टीम में शामिल करना उतना आसान नहीं होगा। मांजरेकर ने जोर देकर कहा कि सूर्यवंशी जैसे युवा बल्लेबाज टी20 क्रिकेट के हिसाब से आक्रामक, बाउंड्री लगाने वाले अंदाज में खेलते हैं और अक्सर अपने हाथ खोलने के लिए जगह बनाते हैं पर उनके लिए टेस्ट में बल्लेबाजी आसान नहीं होगी। उन्होंने सूर्यवंशी की तकनीक का विश्लेषण करते हुए बताया, सूर्यवंशी लेग साइड में रहता है और मिडिल स्टंप पर आई गेंद को पॉइंट की तरफ मारता है, क्योंकि वह ऐसा करने के लिए जगह बनाता है जबकि टेस्ट क्रिकेट में सलाह यह दी जाती है कि गेंद के जितना हो सके करीब जाकर खेलें। मांजरेकर का मानना है कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में जहां गेंद ज्यादा स्विंग और सीम करती है, वहां गेंद से दूर रहकर रन बनाना बेहद मुश्किल होगा और यह तरीका काम नहीं आएगा। गिरजा/ ईएमएस 06 मई 2026