क्षेत्रीय
06-May-2026
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रायपुर (ईएमएस)। राजधानी रायपुर के रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में अवैध वसूली, शराबखोरी और संदिग्ध गतिविधियों का बड़ा मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की उड़नदस्ता टीम और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि पार्किंग संचालन के लिए अभी तक कोई वैध टेंडर जारी नहीं किया गया था, इसके बावजूद यहां निजी लोगों के माध्यम से अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा था। नगर निगम के कर्मचारियों की बजाय बाहरी लोग पार्किंग से पैसा वसूलते पाए गए। सूत्रों के अनुसार, यहां बिना सीरियल नंबर और सील वाली पर्चियों के जरिए लोगों से अवैध रूप से पैसे लिए जा रहे थे। कुछ मामलों में QR कोड के माध्यम से पैसे व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच नगर निगम द्वारा की जा रही है। छापेमारी के दौरान ठेकेदार मोहम्मद शोएब के नाम की मासिक पास पर्ची और आर्म्स लाइसेंस से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं। दस्तावेजों पर मुहर नहीं होने के कारण पुलिस ने आर्म्स लाइसेंस को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में निगम के चार कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तीन महीने पहले ही यहां शुल्क वसूली शुरू की गई थी, जबकि नियमों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी भी प्रकार की वसूली अवैध मानी जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले यह पार्किंग मुफ्त थी, लेकिन अब कार पार्किंग के लिए 10 से 20 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। कई वाहन चालकों ने शिकायत की कि विरोध करने पर उन्हें दबाव में भुगतान करना पड़ता है। इस पार्किंग को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। यहां शराबखोरी, बकरा काटने और अन्य अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं। देर रात यहां असामाजिक तत्वों की मौजूदगी और वाहन चालकों से विवाद की घटनाएं भी बढ़ी हैं। फिलहाल पुलिस और निगम की संयुक्त टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है और अवैध वसूली से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। - (ईएमएस) 06 मई 2026