अंतर्राष्ट्रीय
06-May-2026
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सुरक्षा चिंताओं के बीच यूएस का बड़ा फैसला वाशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका ने पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में स्थित अपने वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) को चरणबद्ध तरीके से स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। वाशिंगटन द्वारा की गई इस घोषणा के अनुसार, अब इस क्षेत्र से जुड़े तमाम कूटनीतिक और राजनयिक कार्य इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास द्वारा संचालित किए जाएंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह कदम मुख्य रूप से राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग को ध्यान में रखकर उठाया गया है। पेशावर का यह क्षेत्र लंबे समय से उग्रवाद, सीमा पार तनाव और आतंकवाद विरोधी अभियानों का केंद्र रहा है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से सटे इस प्रांत में सुरक्षा चुनौतियां हमेशा से ही गंभीर रही हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के बयान में कहा गया, हम पेशावर स्थित कॉन्सुलेट को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा कर रहे हैं। हालांकि हमारी भौतिक उपस्थिति बदल रही है, लेकिन पाकिस्तान और विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा के लोगों के प्रति हमारी नीतियां और प्रतिबद्धता पहले की तरह ही मजबूत रहेंगी। विभाग ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह प्रक्रिया कब तक पूरी होगी या कर्मचारियों की कटौती शुरू हुई है या नहीं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों का परिणाम है। इससे पहले भी कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन पेशावर के मामले में इसे स्थायी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। मध्य पूर्व के तनाव और पूर्व में अमेरिकी दूतावासों पर हुए हमलों के मद्देनजर अमेरिका अब अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। वाशिंगटन ने भरोसा दिलाया है कि इस कूटनीतिक बदलाव के बावजूद वह आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करता रहेगा। अमेरिका अब इस्लामाबाद स्थित अपने मुख्य दूतावास और कराची व लाहौर में सक्रिय वाणिज्य दूतावासों के माध्यम से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाएगा। पेशावर में कॉन्सुलेट का बंद होना दक्षिण एशिया में अमेरिका की कूटनीतिक पहुंच के पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/06मई 2026