अंतर्राष्ट्रीय
06-May-2026
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-अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने किया ऐलान, कहा-हम शांति का मार्ग अपनाना चाहेंगे वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी समाप्त हो गया है। इसके साथ ही दो महीने से ज्यादा समय से चल रही अशांति का अंत हो गया है, जो अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ किए गए बड़े सैन्य संघर्ष के कारण पैदा हुई थी। अली खामेनेई की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के उद्देश्य से शुरू हुए इस संघर्ष ने तेहरान में भी भारी राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी थी। खामेनेई की हत्या के बाद, उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया, जो सत्ता में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रुबियो ने कहा कि हमने इस अभियान के उद्देश्यों को हासिल कर लिया है। हम ऐसी किसी और स्थिति की कामना नहीं करते। हम शांति का मार्ग अपनाना चाहेंगे। ट्रम्प एक समझौते को प्राथमिकता देंगे...जो कि अब तक ईरान ने नहीं चुना है। रुबियो ने क्षेत्र में विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में जो एक अहम वैश्विक तेल मार्ग है, समुद्री स्थिरता को बहाल करने के रणनीतिक महत्व पर भी जोर दिया। कई देशों ने कुछ ने निजी तौर पर और कुछ ने सार्वजनिक रूप से अमेरिका से अपने जहाजों को मुक्त कराने और होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने में मदद करने का अनुरोध किया...इसलिए ट्रम्प ने आगे बढ़कर उनकी मदद की गुहार सुनी और अमेरिकी सेना को इन फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और इस शासन के आर्थिक विनाश के कृत्य को समाप्त करने की दिशा में पहला कदम है। हम यह सिर्फ इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि हमसे अनुरोध किया गया था, बल्कि इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हम ही एकमात्र ऐसे हैं जो ऐसा कर सकते हैं...राष्ट्रपति ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका अपने मित्रों की मदद करेगा। हम तेहरान जैसे दुष्ट शासनों का डटकर सामना करेंगे और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने में संकोच नहीं करेंगे। तेहरान को कड़ी चेतावनी देते हुए रुबियो ने कहा कि उनके लिए यह समझना बेहद ज़रूरी है कि उन्हें अमेरिका की इच्छाशक्ति को परखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए कम से कम ट्रम्प के शासनकाल में तो बिल्कुल नहीं। उन्होंने बार-बार साबित किया है कि वे अपने कहे पर खरे उतरते हैं और अगर वे उन्हें चुनौती देंगे, तो अंततः उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा। सिराज/ईएमएस 06मई26