राष्ट्रीय
06-May-2026


-जैविक जहर इस्तेमाल कर आतंक फैलाने की साजिश रचने का है आरोप नई दिल्ली,(ईएमएस)। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आईएसआईएस से जुड़ी खतरनाक साजिश का पर्दाफाश किया है। एनआईए ने एक डॉक्टर और उसके दो सहयोगियों के खिलाफ अहमदाबाद की विशेष कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। इन पर सार्वजनिक स्थानों पर जैविक जहर का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप है। एक आधिकारिक बयान से यह जानकारी प्राप्त हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बयान में कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक विशेष एनआईए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एनआईए के बयान के मुताबिक आरोपियों ने इस्लामिक स्टेट से जुड़े अपने-अपने विदेशी आकाओं के मार्गदर्शन में काम करते हुए भोले भाले युवाओं की भर्ती की, जिन्हें जिहाद का समर्थन करने और प्रतिबंधित हथियारों तथा बायोटेररिज्म’ के ज़रिए आतंक फैलाने के लिए कट्टरपंथी बनाया। उन्होंने आईएसआईएस के नापाक एजेंडे को अंजाम देने के लिए रिसिन का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। यह मामला मूलरूप से गुजरात एटीएस द्वारा दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई नवंबर 2025 में डॉ. मोहिउद्दीन की गिरफ्तारी के बाद की गई। चीन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने वाले डॉ. मोहिउद्दीन को एक टोल प्लाज़ा पर उस समय पकड़ा गया था, जब उसकी कार में अवैध हथियार, चार लीटर अरंडी के तेल से भरी एक बोतल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। एटीएस की जांच के परिणामस्वरूप, उसी दिन दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। अब दाखिल किए गए इस आरोपपत्र से डॉ. सैयद अहमद मोहिउद्दीन और सह-आरोपी आज़ाद और मोहम्मद सुहेल के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कस गया है। सिराज/ईएमएस 06मई26