सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील जेठमलानी का बयान नई दिल्ली (ईएमएस)। विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने से इंकार किया है, ममता के इस रुख से राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति पैदा हो गई है। प्रेसवार्ता के दौरान ममता से पूछा गया कि क्या वे इस्तीफा देने के लिए राजभवन गवर्नर के पास जाएंगी, तब इस पर उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता है। इसके बाद अब फिर से टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। ममता बनर्जी के इस्तीफे को लेकर मशहूर वकील महेश जेठमलानी का बयान सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील जेठमलानी ने कहा कि अगर ममता इस्तीफा देने से मना करती है, तब उन्हें बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वे जबरन अपने पद पर बनी रहती हैं, तब राज्यपाल पुलिस फोर्स भेजकर उन्हें पद से हटा सकते हैं। जानकारों के मुताबिक अगर वह इस्तीफा देने से मना करती हैं, तब संविधान के तहत गवर्नर उनकी सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं, क्योंकि चुनाव आयोग ने अधिसूचना और जनादेश जारी किया है। वरिष्ठ वकील का कहना है कि विधानसभा का 5 साल का कार्यकाल खत्म होने पर गवर्नर विधानसभा को भंग कर सकते हैं। बंगाल की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल कल गुरुवार (7 मई 2026) को खत्म हो रहा है। ममता का गवर्नर को इस्तीफा ना देने से कुछ नहीं बदलेगा क्योंकि गवर्नर सदन और सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं। आशीष दुबे / 06 अप्रैल 2026