राज्य
07-May-2026


मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के पायधुनी इलाके में 26 अप्रैल को एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में जिस फूड पॉइजनिंग को मौत की वजह माना जा रहा था, अब उस पर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल की ब्लड रिपोर्ट में मृतकों के शरीर में किसी भी तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन या जहरीला तत्व नहीं मिला है। पुलिस के अनुसार, मृतकों ने बिरयानी और कलिंगड़ (तरबूज) खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की शिकायत की थी। इसी आधार पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी। हालांकि अब तक की मेडिकल जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। मृतकों की पहचान नसरीन डोकाडिया (35), आयशा डोकाडिया (16), अब्दुल्ला डोकाडिया (35) और शमील डोकाडिया (12) के रूप में हुई है। चारों को 26 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मौत किसी जहरीले पदार्थ से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में “डेथ ऑडिट” भी शुरू कर दिया गया है। इस ऑडिट के जरिए यह जांच की जा रही है कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही या देरी तो नहीं हुई। अस्पताल प्रशासन ने दावा किया है कि मरीजों का इलाज मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था। डॉक्टरों की एक विशेष समिति पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम भी खाद्य पदार्थों की जांच में जुटी हुई है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी। परिवार वालों ने किसी साजिश की आशंका से इनकार किया है, लेकिन पुलिस और फॉरेंसिक टीम हर पहलू की गहन जांच कर रही है। फिलहाल एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। स्वेता/संतोष झा- ०७ मई/२०२६/ईएमएस