वाशिंगटन(ईएमएस)। भारतीय मूल के प्रभावशाली उद्यमी और प्रखर वक्ता विवेक रामास्वामी ने अपनी राजनीतिक यात्रा में एक और बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। रिपब्लिकन पार्टी के प्राइमरी चुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए वह अब आधिकारिक रूप से ओहियो के गवर्नर पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार बन गए हैं। इस जीत के साथ ही आगामी नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव के लिए उनका मुकाबला रिपब्लिकन एम एक्टन से होना तय हो गया है। प्राइमरी में मिली इस निर्णायक जीत के बाद रामास्वामी ने उत्साह के साथ कहा, हम ओहियो में एक बार फिर उस अमेरिकी सपने को पुनर्जीवित करने जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य ओहियो के हर नागरिक को कम लागत, बेहतर वेतन और आधुनिक शिक्षण संस्थान प्रदान करना है। मैं उन सभी समर्थकों का आभारी हूँ जिन्होंने इस ऐतिहासिक जीत को मुमकिन बनाया। विवेक रामास्वामी की पृष्ठभूमि अकादमिक रूप से बेहद मजबूत रही है। हार्वर्ड से जीव विज्ञान और येल से कानून की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने व्यावसायिक जगत में कदम रखा। वर्ष 2014 में उन्होंने ‘रोइवेंट साइंसेज’ नामक बायोटेक कंपनी की स्थापना की, जिसने उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2026 तक उनकी कुल संपत्ति 2.5 बिलियन डॉलर तक पहुँच गई, जिसने उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान किया। व्यापारिक सफलता के बाद रामास्वामी ने अपनी किताब ‘वोक, इंक.’ के जरिए सामाजिक और कॉर्पोरेट राजनीति पर कड़ा प्रहार किया, जिससे वे अमेरिकी रूढ़िवादी समाज में एक सशक्त आवाज बनकर उभरे। 2023 में उन्होंने राष्ट्रपति पद की दावेदारी पेश कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। हालांकि वह राष्ट्रपति की रेस में चौथे स्थान पर रहे, लेकिन उनकी आक्रामक शैली और स्पष्ट विचारों ने डोनाल्ड ट्रंप का ध्यान खींचा। डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद, रामास्वामी को एलन मस्क के साथ मिलकर ‘सरकारी दक्षता विभाग’ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन क्षेत्रीय राजनीति और ओहियो के विकास के प्रति अपने लगाव के कारण उन्होंने 2025 की शुरुआत में इस पद से इस्तीफा दे दिया। डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के कड़े समर्थन ने ओहियो की राजनीति में उनके मार्ग को और सुगम बना दिया। अब 3 नवंबर 2026 को होने वाले गवर्नर चुनाव में रामास्वामी की असली परीक्षा होगी। उनकी राजनीति का मुख्य केंद्र सरकारी खर्चों में कटौती, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी सुधार है। यदि वह नवंबर में जीत दर्ज करते हैं, तो यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर बल्कि भारतीय मूल के अमेरिकियों के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। वीरेंद्र/ईएमएस 08 मई 2026