अंतर्राष्ट्रीय
08-May-2026
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डरकर घर से बाहर भागे लोग, मचा हड़कंप ल्हासा(ईएमएस)। भारत के पड़ोसी क्षेत्र तिब्बत में शुक्रवार तड़के धरती कांपने से हड़कंप मच गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब 3:10 बजे तिब्बत के पठारी क्षेत्र में जोरदार भूकंप महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई। हालांकि तीव्रता मध्यम श्रेणी की थी, लेकिन झटके इतने प्रभावी थे कि सोते हुए लोगों की नींद खुल गई और किसी बड़े खतरे की आशंका में लोग आनन-फानन में अपने घरों से बाहर निकल आए। वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र तिब्बत में 35.385 डिग्री उत्तर अक्षांश और 85.112 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था। विशेष बात यह रही कि इस भूकंप की गहराई जमीन के भीतर केवल 38 किलोमीटर थी। विशेषज्ञों का मानना है कि सतही या शैलो भूकंप, गहरे भूकंपों की तुलना में कहीं अधिक विनाशकारी हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि सतही भूकंप की तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे ऊर्जा का क्षय कम होता है और सतह पर कंपन अधिक तीव्र महसूस होता है। गनीमत यह रही कि इस बार किसी प्रकार के जान-माल के बड़े नुकसान की तत्काल सूचना नहीं मिली है। तिब्बती पठार और हिमालयी क्षेत्र में भूकंप आने का प्रमुख कारण यहां की जटिल भूगर्भीय संरचना है। यह पूरा क्षेत्र भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन प्लेट के मिलन स्थल पर स्थित है। इन दो विशाल प्लेटों के निरंतर टकराव और दबाव के कारण ही हिमालय जैसी पर्वत श्रृंखलाओं का निर्माण हुआ है और इसी कारण यह क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है। प्लेटों के बीच होने वाला यह टकराव न केवल भूकंप का कारण बनता है, बल्कि कभी-कभी पहाड़ों की ऊंचाई में भी सूक्ष्म परिवर्तन कर देता है। तिब्बत के उत्तरी हिस्से में स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग की सक्रियता अधिक देखी जाती है, जहां बड़े भूकंप आने का खतरा बना रहता है। वहीं, दक्षिण क्षेत्र में नॉर्मल फॉल्ट्स के कारण छोटे झटके आते रहते हैं। पठार के भीतर होने वाली यह भूगर्भीय हलचल पूर्व-पश्चिम दिशा में इसके विस्तार को भी दर्शाती है। आज का भूकंप एक बार फिर इस बात का संकेत है कि हिमालयी बेल्ट के नीचे टेक्टोनिक तनाव लगातार बढ़ रहा है, जो भविष्य के लिए सतर्क रहने की चेतावनी देता है। वीरेंद्र/ईएमएस/08मई 2026