अंतर्राष्ट्रीय
08-May-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। दुनिया भर में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता की लहर दौड़ गई है। जानलेवा हंता वायरस के फैलने की आशंका के चलते विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया के 12 देशों को रेड अलर्ट जारी किया है। यह खतरा उस अछूत क्रूज शिप एमवी होंडियस से उत्पन्न हुआ है, जिसे वर्तमान में कोई भी देश अपनी जमीन पर जगह देने को तैयार नहीं है। दरअसल, संक्रमण के मामले गंभीर होने से पहले ही इस जहाज से कुछ यात्री उतरकर अपने-अपने देशों में वापस चले गए थे, जिससे अब वहां वायरस फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को पुष्टि की है कि इस क्रूज शिप पर हंता वायरस के पांच मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन अन्य संदिग्ध मामले अभी भी जांच के दायरे में हैं। अब तक गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी के कुल आठ मामले मिले हैं, जिनमें से तीन लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। जांच में पाया गया है कि इनमें से पांच मामलों में एंडीज वायरस संक्रमण मौजूद था। जिन 12 देशों को डब्ल्यूएचओ ने विशेष रूप से आगाह किया है, उनमें अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड्स, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, डेनमार्क, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, टर्की और सेंट किट्स एंड नेविस शामिल हैं। इन देशों के नागरिक दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित सेंट हेलेना में जहाज से पहले ही उतर चुके थे। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में बताया कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम तेजी से उठाए गए, तो उम्मीद है कि संक्रमण सीमित रहेगा। हालांकि, यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की जांच जारी है, जिससे मामलों की संख्या बढ़ने की संभावना बनी हुई है। अर्जेंटीना की प्रयोगशालाओं से पांच देशों को 2,500 टेस्ट किट भेजी जा रही हैं ताकि समय पर पहचान की जा सके। इस बीच, जहाज पर अभी भी 23 अलग-अलग देशों के 149 लोग सवार हैं। जहाज की स्थिति और भी विकट हो गई है क्योंकि कोई भी देश इसे अपने बंदरगाह पर उतरने की अनुमति नहीं दे रहा है। इसी बीच, स्पेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय भावना का हवाला देते हुए जहाज को कैनरी आइलैंड्स में आने की अनुमति देने की बात कही है। फिलहाल, यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल जहाज की स्थिति की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि संक्रमित और स्वस्थ यात्रियों को सुरक्षित तरीके से अलग किया जा सके। आगामी तीन से चार दिनों में जहाज के कैनरी आइलैंड्स पहुंचने की उम्मीद है, जहां से राहत और बचाव कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। वीरेंद्र/ईएमएस/08मई 2026