-विशेषज्ञ बोले- इस्फहान में मौजूद यूरेनियम ईरान के लिए बैंक में रखी बड़ी पूंजी की तरह तेहरान,(ईएमएस)। अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ 42 दिनों तक चलाए गए बड़े सैन्य अभियान के बावजूद ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म नहीं हुआ है। एक नई जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारी बमबारी और अरबों डॉलर के हथियारों के इस्तेमाल के बाद भी ईरान की परमाणु आपूर्ति श्रृंखला के कई अहम हिस्से अब भी सक्रिय हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई परमाणु ठिकानों को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन सबसे अहम सामग्री और ढांचे को पूरी तरह नष्ट नहीं किया जा सका है। रिपोर्ट के मुताबिक इस्फहान परमाणु परिसर सबसे बड़ी चिंता का विषय है। माना जा रहा है कि यहां बड़ी मात्रा में उच्च स्तर का समृद्ध यूरेनियम भूमिगत सुरंगों में छिपाकर रखा गया है। सैटेलाइट तस्वीरों और विशेषज्ञों के विश्लेषण में यह बात सामने आई कि हमलों से पहले कई ट्रकों के जरिए नीले रंग के कंटेनरों को सुरंगों के अंदर ले जाया गया था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन कंटेनरों में संवर्धित यूरेनियम मौजूद था। हालांकि सतह पर बनी कई इमारतें हमलों में तबाह हो गईं, लेकिन भूमिगत सुरंगों के मुख्य प्रवेश द्वारों को सीधे निशाना नहीं बनाया गया। बाद में ईरान ने इन सुरंगों के रास्तों को मिट्टी और बैरिकेड्स से बंद कर दिया है। तेहरान स्थित विश्वविद्यालय, जिसे अमेरिका-इजराइल ईरान के परमाणु कार्यक्रम की शुरुआती कड़ी मानते हैं, उस पर भी हमला किया गया। यह संस्थान पहले से अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है। वहीं सागंड यूरेनियम खदान, जहां से परमाणु कार्यक्रम के लिए कच्चा यूरेनियम निकाला जाता है, वहां किसी बड़े नुकसान के संकेत नहीं हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में खदान में मशीनें काम करती दिखाई दीं, जिससे साफ है कि वहां खनन गतिविधियां अब भी जारी हैं। अर्दकान प्रोसेसिंग प्लांट को हमलों में काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन अब तक उसके पुनर्निर्माण की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। परमाणु विशेषज्ञ डेविड अल्ब्राइट का कहना है कि इस्फहान में मौजूद यूरेनियम भंडार ईरान के लिए किसी बैंक में रखी बड़ी पूंजी की तरह है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि ईरान अब भी नौ महीने से एक साल के अंदर परमाणु बम बनाने की क्षमता रखता है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को अभी तक करीब 440 किलोग्राम 60 प्रतिशत समृद्ध यूरेनियम का सही पता नहीं चल पाया है। माना जा रहा है कि इसका बड़ा हिस्सा भूमिगत सुरंगों में छिपा हुआ है। व्हाइट हाउस ने माना है कि हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचा है, लेकिन उसे पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सका है। सिराज/ईएमएस 08 मई 2026