भोपाल (ईएमएस)। मप्र के वन विभाग 8 में को पेंच और 15 मई इंदौर के फाइव स्टार में कार्यशाला रखने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहां जंगल की आग और बाघों की मौत के बीच वरिष्ठ अफसर 5-सितारा होटलों में कार्यशाला बनाम विदाई समारोह (Farewell) में व्यस्त हैं। श्योपुर में वन रक्षक हरिकेश गुर्जर की हत्या के बावजूद, आला अधिकारी पेंच और इंदौर में विदाई पार्टियां मना रहे हैं। श्योपुर में वन रक्षक की हत्या के बावजूद, आला अधिकारी पेंच और इंदौर में विदाई पार्टियां मना रहे हैं। यानि एक तरफ फ्रंटलाइन स्टॉफ जान जोखिम में डालकर वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा काम कर रहा है, वहीं अधिकारी [पेंच] और [इंदौर] के फाइव स्टार होटलों में कार्यशाला कर रहे हैं। कार्यशाला में अफसर की पत्नियों की उपस्थिति के औचित्य पर सवाल उठ रहें हैं। सवाल खड़े करने वाले रिटायर्ड दबंग आईएफएस आज़ाद सिंह डबास का कहना है कि जब विभाग के पास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा हो, तब पांच-सितारा होटल में कार्यशाला आयोजित करना, समय और सरकार के लाखों रुपए की बर्बादी के सिवा कुछ नहीं है। फील्ड के अफसरों में चर्चा है कि पीसीसीएफ विकास पुरुषोत्तम धीमान इस महीने सेवानिवृत हो रहें हैं। इसलिए कार्यशाला के बहाने फेयरवेल इवेंट्स आयोजित करना है। जारी सर्कुलर के अनुसार 8 मई को पेंच टाइगर रिजर्व में आहूत कार्यशाला में जबलपुर, बालाघाट और सिवनी सर्किल के सीएफ और डीएफओ शामिल होne के लिए कहा गया है । जबकि 15 मई को इंदौर में एक पांच सितारा होटल में होने वाली कार्यशाला में इंदौर, खंडवा और उज्जैन संभाग के अफसरों को बुलाया गया है। रातकालीन समय में दिन की कार्यशाला मौज-मस्ती की पाठशाला तब्दील में हो जाएगी। रिटायर्ड दबंग आईएफएस आज़ाद सिंह डबास का कहना है कि अगर पाठशाला रखना ही था तो श्योपुर -मुरैना में रखते, जहां रेत माफियाओं ने एक वनरक्षक को कुचलकर मार डाला। यदि वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन श्योपुर -मुरैना में कार्यशाला रखते और वन माफियाओं के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार करते तो फ्रंटलाइन स्टॉफ का मनोबल बढ़ता। यह कार्यशाला एक पीसीसीएफ विकास धीमान के रिटायर्ड मंथ पर मौज -मस्ती की कार्यशाला सिवा कुछ नहीं है। असीम श्रीवास्तव के कार्यकाल में हुई थी परिपाटी 1988 बैच के आईएफएस असीम श्रीवास्तव फरवरी 2024 में वन बल प्रमुख बने। तब 1992 बैच के आईएफएस अफसर पीसीसीएफ विकास यूके सुबुद्धि ने क्षेत्रीय कार्यशाला के बहाने पूर्व रिटायर्डमेंट फेयरवेल पार्टी का आयोजित करवाया। सुबुद्धि नवंबर 24 में रिटायर्ड हुए और तब लोगों को समझ में नहीं आया। इस आयोजन का असल मकसद तब समझ आया जब जून 25 तत्कालीन पीसीसीएफ विकास सुदीप सिंह ने अपने रिटायर मंथ में पांच सितारा होटलों में क्षेत्रीय कार्यशाला के आयोजन करवाया। इंदौर और ओरछा की होटलों से तस्वीरें मीडिया में आई, उससे कार्यशाला का असल मकसद सार्वजनिक हो गया। इंदौर में गेट-टू-गेदर यानि कार्यशाला बनाम मौज-मस्ती की पाठशाला में क्या-क्या हुआ, यह किसी से छुपा नहीं है। गिफ्ट से लेकर सूटरूम तक को लेकर सबसे अधिक विवाद हुआ। तब भी सेवानिवृत आईएफएस डबास ने इस मस्ती की पाठशाला की संज्ञा देते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा था।