- कुल परिणाम 92.09 प्रतिशत, कोकण विभाग सबसे आगे, छत्रपति संभाजीनगर सबसे पीछे मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं (एसएससी) परीक्षा 2026 का परिणाम शुक्रवार दोपहर घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष भी लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों से बाजी मार ली। राज्य का कुल परिणाम 92.09 प्रतिशत दर्ज किया गया है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रिजल्ट करीब 2 प्रतिशत कम रहा। वहीं नौ विभागीय मंडलों में कोकण विभाग ने सर्वाधिक 97.62 प्रतिशत परिणाम के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि छत्रपति संभाजीनगर विभाग का परिणाम सबसे कम 88.41 प्रतिशत रहा। इस वर्ष परीक्षा के लिए राज्यभर से 15 लाख 55 हजार 026 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 14 लाख 20 हजार 486 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए हैं। बोर्ड के अनुसार हर वर्ष की तरह इस बार भी लड़कियों ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इस बार राज्य के 179 विद्यार्थियों ने सभी विषयों में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। छत्रपती संभाजीनगर में सबसे अधिक 24 विद्यार्थियों ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। विभागवार परिणाम में कोकण विभाग ने लगातार अपनी शीर्ष स्थिति बरकरार रखी। जबकि इस वर्ष सबसे कम परिणाम नागपुर शहर का रहा। यह जानकारी बोर्ड अध्यक्ष डॉ. त्रिगुण कुलकर्णी ने आयोजित पत्रकार परिषद में दी। परीक्षा का आयोजन पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, मुंबई, कोल्हापुर, अमरावती, नाशिक, लातूर और कोकण इन नौ विभागीय मंडलों के माध्यम से किया गया था। राज्यभर से नियमित श्रेणी में कुल 15 लाख 55 हजार 26 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 15 लाख 42 हजार 472 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें 14 लाख 20 हजार 486 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। नियमित विद्यार्थियों का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 92.09 रहा। वहीं, निजी (प्राइवेट) विद्यार्थियों की बात करें तो कुल 29 हजार 506 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 28 हजार 825 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 22 हजार 3 विद्यार्थी सफल हुए। इस श्रेणी का परिणाम 76.33 प्रतिशत रहा। पुनर्परीक्षार्थियों में कुल 29 हजार 518 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 28 हजार 867 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 9 हजार 757 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इस वर्ग का परिणाम 33.79 प्रतिशत रहा। नियमित, निजी और पुनर्परीक्षार्थियों को मिलाकर कुल 16 लाख 14 हजार 50 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 16 लाख 164 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 14 लाख 52 हजार 246 विद्यार्थी सफल हुए। कुल मिलाकर राज्य का संयुक्त परिणाम 90.75 प्रतिशत रहा। - दिव्यांग विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन राज्यभर से 10 हजार 31 दिव्यांग विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 9 हजार 912 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 9 हजार 42 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। दिव्यांग विद्यार्थियों का कुल परिणाम 91.22 प्रतिशत रहा। - लड़कियों ने फिर साबित की श्रेष्ठता इस वर्ष भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में बेहतर रहा। नियमित छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.96 रहा, जबकि छात्रों का परिणाम 89.56 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस प्रकार लड़कियां लड़कों से 5.40 प्रतिशत आगे रहीं। - 20 विषयों का परिणाम शत-प्रतिशत फरवरी-मार्च 2026 में आयोजित इस परीक्षा में कुल 64 विषय शामिल थे। इनमें से 20 विषयों का परिणाम 100 प्रतिशत रहा। - 6612 स्कूलों का परिणाम 100 प्रतिशत राज्य की 23 हजार 698 माध्यमिक शालाओं से विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 6 हजार 612 स्कूलों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जो शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। - पिछले वर्ष की तुलना में परिणाम घटा पिछले वर्ष यानी फरवरी-मार्च 2025 में कक्षा 10वीं का परिणाम 94.10 प्रतिशत था, जबकि इस वर्ष परिणाम 92.09 प्रतिशत रहा। इस प्रकार इस वर्ष का परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में 2.01 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। - ०८ मई/२०२६/ईएमएस