मुंबई,(ईएमएस)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने चर्चित सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखकर सभी 22 आरोपियों को बरी किया है। इन बरी किए गए लोगों में 21 पुलिसकर्मी शामिल हैं। हाईकोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या के मामले में दायर अपीलों को खारिज किया। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।सोहराबुद्दीन के भाइयों रुबाबुद्दीन और नयाबुद्दीन ने 2018 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें सभी आरोपियों को बरी किया था। उन्होंने मामले की फिर सुनवाई या निचली अदालत के फैसले को रद्द करने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि सुनवाई ठीक से नहीं हुई और कई महत्वपूर्ण सबूतों पर विचार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया था कि अभियोजन पक्ष ने उन मजिस्ट्रेटों को गवाही के लिए नहीं बुलाया जिनके सामने कई गवाहों ने पहले बयान दर्ज कराए थे और बाद में अदालत में अपने बयान से पलट गए थे। यह मामला 23 नवंबर 2005 को हुई घटना से जुड़ा है, जब सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके साथी तुलसीराम प्रजापति को कथित तौर पर हैदराबाद से सांगली जा रही एक बस से उठाया गया था। सीबीआई ने दावा किया था कि सोहराबुद्दीन और प्रजापति को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया, जबकि कौसर बी की हत्या की गई थी। यह केस पहले गुजरात में दर्ज हुआ था, लेकिन 2012 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुंबई स्थानांतरित किया गया। इस मामले में मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आरोपी थे, जिन्हें दिसंबर 2014 में विशेष अदालत ने आरोपमुक्त किया था। 21 दिसंबर 2018 को विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस.जे. शर्मा ने सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष साजिश और हत्या के आरोपों को साबित करने में विफल रहा। सुनवाई के दौरान 210 गवाहों की जांच की गई थी, जिनमें से 92 अपने बयान से मुकर गए, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर पड़ गया। ट्रायल कोर्ट ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी, लेकिन कहा था कि केवल संदेह या नैतिक आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इसी फैसले को बरकरार रखते हुए अपीलें खारिज कर दी हैं, जिससे पीड़ित परिवार को गहरा झटका लगा है। मामले का विस्तृत फैसला अभी आना बाकी है। आशीष दुबे / 08 मई 2026