अंतर्राष्ट्रीय
08-May-2026


बांग्लादेश ने अपनी भारतीय सीमा पर चौकसी बढ़ाई ढाका (ईएमएस)। भारत के असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद बांग्लादेश ने अपनी भारतीय सीमा पर चौकसी बढ़ाई है। बांग्लादेश को आशंका है कि इन राज्यों में भाजपा सरकार बनने के बाद अवैध घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश की सीमा में भेजा जा सकता है। इसकारण बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने जशोर और खुलना के करीब 102 किलोमीटर तथा चापाइनवाबगंज के 140 किलोमीटर सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और निगरानी कड़ी कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, जशोर-49 बीजीबी बटालियन और खुलना-21 बीजीबी के अधिकार क्षेत्र वाले बेनापोल सीमा क्षेत्रों, जिनमें रघुनाथपुर, शिकारपुर, सादीपुर, पुतखाली और गोगा जैसे प्रमुख बिंदु शामिल हैं। जशोर-49 बीजीबी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर, लेफ्टिनेंट कर्नल गुलाम मोहम्मद सैफुल आलम खान ने बताया कि बल सभी प्रकार की घुसपैठ और सीमा पार अपराधों को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है। इन इलाकों में गश्त और चौबीसों घंटे निगरानी भी तेज कर दी गई है। बांग्लादेशी अधिकारियों ने सीमावर्ती इलाकों के निवासियों को अनावश्यक आवाजाही, खासकर रात के समय, से बचने की चेतावनी भी दी है। कर्नल गुलाम मोहम्मद ने कहा, यह सुनिश्चित करने के लिए सीमा पर कड़ी निगरानी हो रही है कि भारत से कोई भी घुसपैठिया बांग्लादेश में प्रवेश न कर सके। इसके अतिरिक्त, चापाइनवाबगंज में 53 बीजीबी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल काजी रहमान ने पुष्टि की है कि बीजीबी कड़ी निगरानी रख रहा है ताकि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) किसी को भी अवैध रूप से बांग्लादेश में धकेल न सके। आपातकालीन उद्देश्यों को छोड़कर जीरो लाइन (सीमा रेखा) के पास आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। बांग्लादेश की आशंका इस तथ्य से उपजी है कि भाजपा सरकार अवैध घुसपैठियों को लेकर काफी सख्त रही है, और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी इस मुद्दे पर मुखर रहे हैं। चूंकि बांग्लादेश सरकार भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले अपने नागरिकों की पुष्टि करने से आनाकानी कर रही है, जिससे 2000 से अधिक घुसपैठियों की पहचान की पुष्टि लंबित है। इसतरह ढाका को डर है कि भारत इन लोगों को उसकी सीमा में जबरन भेज सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है। आशीष दुबे / 08 मई 2026