क्षेत्रीय
08-May-2026
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जालौन (ईएमएस)। यूपी के जालौन जिले के उरई के सिरसा कलार थाना क्षेत्र में हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा पाए वृद्ध ने बीती रात नलकूप की कोठी में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पिथऊपुर गांव में 42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में स्थानीय कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद सुनाई थी। वह हाईकोर्ट से जमानत पर छूटे थे। वृद्ध के पुत्र ने बताया कि हाईकोर्ट ने चार मई को उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी। वकील से यह जानकारी मिलने के बाद से जेल जाने के भय से वह परेशान थे। घटनाक्रम के मुताबिक सिरसा कलार थाना क्षेत्र के पिथऊपुर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर 1984 में गांव के मंदिर में सोते समय सरवन ठाकुर व वीरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी। पीड़ित पक्ष के बाबूराम ने गांव के ही बाबूराम, अमर सिंह (72), रामलखन व उरई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रूरा अड्डू निवासी समरथ सिंह के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उस समय आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुकदमे में 27 जुलाई 1987 में बाबूराम, समरथ सिंह व अमर को आजीवन कारावास की सजा हुई थी, जबकि रामलखन को बरी कर दिया था। बाद में तीनों ने हाईकोर्ट में अपील की तो जमानत मिली और तभी से वह जेल से बाहर थे। इस दौरान बाबूराम व समरथ सिंह व रामलखन की मौत हो गई। हत्या के मुकदमे में अमर सिंह, बाबूराम व समरथ सिंह को चार मई को हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई। चार मई को इसकी जानकारी अमर सिंह को वकील ने दे दी थी। इससे परेशान होकर बीती रात नलकूप की कोठी पर पहुंचे और फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को पुत्र रविंद्र सिंह ने बताया कि वकील का फोन आने के बाद से ही पिता परेशान थे। वह बार-बार यही कर रहे थे कि वह अब इस अवस्था में जेल नहीं जाना चाहते हैं। परिजनों ने बताया कि उन्हें समझाया था और नलकूप पर जाकर आराम से सोने के लिए कहा था। ईएमएस/08 मई 2026