राज्य
09-May-2026


* धोलेरा और सूरत में स्थापित होंगी अत्याधुनिक चिप निर्माण इकाइयाँ, 2,230 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार अहमदाबाद (ईएमएस)| विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन अंतर्गत गुजरात आज देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बन रहा है। हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत गुजरात के लिए और दो 3,936 करोड़ रुपए के नए अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देकर राज्य को सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का अभिन्न अंग और ‘सिलिकॉन स्टेट’ बनाने की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन प्रदान किया गया है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स में धोलेरा एसआईआर में क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड द्वारा 3,068 करोड़ रुपए और सूरत में सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) द्वारा 868 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जो राज्य के औद्योगिक विकास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री मोढवाडिया ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में गुजरात ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए समर्पित नीति घोषित की है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में लगभग 1.24 लाख करोड़ रुपए के चार बड़े प्रोजेक्ट्स आकार ले रहे हैं। इसके अलावा दो और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स गुजरात में निर्मित होंगे। इस इकोसिस्टम को गति देने के लिए गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन (जीएसईएम) सिंगल विंडो फैसिलिटेटर के रूप में कार्य कर रहा है, जो निवेशकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और सरल बना रहा है। भारत सरकार द्वारा दी गई इस मंजूरी का स्वागत करते हुए मोढवाडिया ने कहा कि गुजरात ने देश की पहली सेमीकंडक्टर पॉलिसी घोषित करके इस क्षेत्र में अनोखी पहल की थी। जिसके परिणामस्वरूप भारत में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूर कुल 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में से 6 प्रोजेक्ट्स गुजरात को मिले हैं और राज्य में इस क्षेत्र में सबसे अधिक कार्य हो रहा है। इन नए 2 प्रोजेक्ट्स से केवल 3,936 करोड़ रुपए का निवेश ही नहीं होगा, बल्कि 2,230 से अधिक युवाओं को उच्च टेक्निकल रोजगार मिलेगा और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। मोढवाडिया ने जोड़ा कि भारत सरकार के इस निर्णय से गुजरात में चिप डिजाइनिंग से लेकर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग तक की पूरी वैल्यू चेन मजबूत हुई है। गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन (GSEM) इन दोनों कंपनियों को भूमि, पानी, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं में पूर्ण सहयोग देकर प्रोजेक्ट्स को समय पर कार्यरत करने के लिए कटिबद्ध है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा गुजरात में मंजूर किए गए इन दो सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन अब विश्व के अत्याधुनिक चिप मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों की कतार में शामिल हो गया है। क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड द्वारा धोलेरा एसआईआर में 3,068 करोड़ रुपए के निवेश के साथ देश की पहली कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा स्थापित की जाएगी। इस प्लांट की विशेषता के बारे में मंत्री ने आगे कहा कि क्रिस्टल मैट्रिक्स द्वारा स्थापित की जाने वाली सुविधा में गैलियम नाइट्राइड (जीएएन) टेक्नोलॉजी पर आधारित मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले बनाए जाएंगे। जिन्हें अब तक केवल आयात किया जाता था। यह सुविधा प्रतिवर्ष 72,000 वर्ग मीटर डिस्प्ले पैनल्स और 24,000 सेट आरजीबी वेफर्स का निर्माण करेगी। धोलेरा में बनने वाले इन मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले के उपयोग से स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहनों के डैशबोर्ड और हाई-एंड टीवी स्क्रीन भविष्य में मेड इन गुजरात चिप्स से सज्ज होंगे। मोढवाडिया ने जोड़ा कि इसके अलावा हीरा और टेक्सटाइल उद्योग के लिए प्रसिद्ध सूरत शहर अब हाई-टेक सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन भी करेगा। सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) द्वारा 868 करोड़ रुपए की लागत से सूरत में सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा स्थापित की जाएगी। जिसमें प्रतिवर्ष 103.03 करोड़ रुपए से अधिक चिप्स का उत्पादन होगा। ये चिप्स ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन क्षेत्र की मांग को पूरा करने में सहायक होंगे। सतीश/09 मई