राज्य
10-May-2026


* उपमुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को पढ़ाया सेवा, विनम्रता और अनुशासन का पाठ सूरत (ईएमएस)| शहर के मजूरा विधानसभा क्षेत्र में रविवार को एक विशेष ‘जनसेवा उपहार वितरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष को विभिन्न अवसरों पर प्राप्त हुई महंगी भेंट-सौगातों का वितरण किया गया। उन्होंने ये उपहार मजूरा विधानसभा क्षेत्र के जमीनी कार्यकर्ताओं और नगरसेवकों को भेंट कर एक अनोखी पहल पेश की। हालांकि, यह कार्यक्रम केवल उपहार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनप्रतिनिधियों के लिए अनुशासन, विनम्रता और जनसेवा का सशक्त संदेश भी बन गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हर्ष संघवी ने बेहद गंभीर लहजे में नगरसेवकों और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “नगरसेवक बन गए तो यह मत सोचिए कि आप साहब बन गए हैं। अगर जनप्रतिनिधियों में अहंकार आ जाएगा, तो वे कभी जनता के दिलों में जगह नहीं बना पाएंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्ता जनता की सेवा का माध्यम है, न कि रौब और वर्चस्व दिखाने का साधन। उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आम नागरिक जब अपने काम या समस्या लेकर किसी जनप्रतिनिधि के पास आए, तो उसके साथ विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जनता के प्रश्नों और समस्याओं के लिए किसी भी समय फोन आ सकता है और एक जनसेवक को हर परिस्थिति में उपलब्ध रहना चाहिए। हर्ष संघवी ने कड़े शब्दों में कहा, “अगर आप लोगों के फोन उठाने की भी जहमत नहीं लेते, तो पार्टी और सत्ता में आपकी कोई जरूरत नहीं है।” उनके इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों के लिए स्पष्ट संदेश और अनुशासनात्मक चेतावनी के रूप में देखा गया। उन्होंने नगरसेवकों को सलाह दी कि वे अपने क्षेत्र के अनुभवी लोगों और बुजुर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ें। टेक्नोलॉजी और संगठनात्मक नेटवर्क का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “आप किस गली में खड़े हैं और क्या कर रहे हैं, इसकी पूरी जानकारी मेरे पास रहती है।” कार्यक्रम के अंत में उन्होंने साफ किया कि जनता के हितों से जुड़े कार्यों में लापरवाही या आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सतीश/10 मई