राज्य
10-May-2026
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:: खजराना गणेश मन्दिर पर चल रहे नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ में तपोनिष्ठ संत दादागुरु भगवान के पहुँचते ही सभागृह हुआ आल्हादित – आज समापन :: इंदौर (ईएमएस)। पूरी दुनिया हिंसा, युद्ध, आतंकवाद और वर्चस्व के संक्रमण में डूबी हुई है, वहीं हमारा हिंदुस्तान ऐसा देश है जहाँ कुम्भ मेले में करोड़ों लोग त्रिवेणी संगम के स्नान में डूबने के लिए जमा हो जाते हैं। सनातन धर्म में प्रदर्शन नहीं, दर्शन को प्राथमिकता मिली हुई है। माँ नर्मदा के तट का प्रत्येक हिस्सा ऋषि, मुनियों और देवताओं की तपश्चचर्या से इतना घिरा हुआ है कि यदि राई का एक दाना वहां फेंका जाए तो वह किसी तपस्वी के कमंडल में ही गिरेगा। नर्मदा के तट पर कुबेर से लेकर इंद्र और बुध से लेकर राहु-केतू भी तपस्या करते हैं। विचारणीय प्रश्न यह है कि क्या हमारे पूर्वजों ने कभी सोचा था कि नदियों के इस देश में पानी की बोतलें भी बिकेगी और प्राणवायु ऑक्सीजन के सिलेंडर भी पैसों से खरीदे जाएँगे। राजा बलि और वामन अवतार का प्रसंग जबलपुर के भेडाघाट का है। नर्मदा के उत्तर और दक्षिण तट अनेक पौराणिक गाथाओं से जुड़े हुए हैं जहाँ आज भी माँ भगवती की जीवंत लीलाएँ होती हैं। ये दिव्य विचार हैं नर्मदा परिक्रमावासी आचार्य पं. रविकांत शास्त्री के, जो उन्होंने खजराना गणेश मन्दिर स्थित सत्संग सभागृह पर अ.भा. दादा गुरु परिवार इंदौर नर्मदा मिशन की मेजबानी में चल रहे नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ में रविवार को नर्मदा तट के तीर्थों का वर्णन करते हुए व्यक्त किए। कथा में रविवार को शाम उस समय समूचा सभागृह आल्हादित हो उठा जब देश के तपोनिष्ठ संत और पिछले 2033 दिनों से केवल माँ नर्मदा के जल पर आश्रित रहने वाले दादागुरु भगवान का आगमन हुआ। दादागुरु इस नर्मदा चिंतन ज्ञान यज्ञ में सानिध्य प्रदान करने हेतु विशेष रूप से आज सुबह जबलपुर से इंदौर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले खजराना गणेश के दर्शन-पूजन किए और फिर ज्ञान यज्ञ के सभागृह में प्रवेश किया। अ.भा. दादागुरु परिवार की ओर से समाजसेवी राजेंद्र बंसल, नित्यम बंसल, विधायक गोलू शुक्ला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, भाजपा के जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा, देवांग शर्मा, गोपाल अग्रवाल, शिव जिंदल, राजेश गर्ग, अमित जिंदल, राजेश्वरी शर्मा, इधिका बंसल, प्रेरणा बंसल, ज्योति बंसल, ज्योति अग्रवाल आदि ने उनकी अगवानी की। दादागुरु सोमवार 11 मई को भी कथा में विराजित रहेंगे और ज्ञान यज्ञ के पहले दिन निकली वृक्ष कलश यात्रा में शामिल मातृशक्ति को अपने सानिध्य में पौधे भेंटकर जल एवं पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देंगे। इसके पूर्व कथा शुभारंभ प्रसंग पर राजू बंसल, कैलाश बंसल, राजेश शर्मा, नवीन मेहता (बीसीएम), गोपाल अग्रवाल, नारायण अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, हर्ष जैन, विनोद गोयल, उमेश अग्रवाल, सौरभ खंडेलवाल आदि ने व्यास पीठ एवं नर्मदा पुराण ग्रन्थ का पूजन किया। :: पानी और प्राणवायु की बिक्री पर सवाल :: आचार्य रविकांत शास्त्री ने कहा कि देश में लाखों नदियों के होते हुए भी पानी क्यों बिक रहा है। हमारे पूर्वजों ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब पानी बोतलों में 20 रुपए लीटर के भाव पर बिकेगा। यही नहीं, कोरोना काल में हमने देखा है कि प्राणवायु ऑक्सीजन के सिलेंडर भी मुंहमांगे दामों पर बेचे और खरीदे गए। धन से हमारी पीढ़ियों को जीवन नहीं मिलेगा। :: एक दिन का जीवन खरीदना भी संभव नहीं होगा :: उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम जिस रफ़्तार से पानी का दुरूपयोग कर वृक्षों की निर्मम कटाई कर रहे हैं, उसे देखते हुए लगता है कि आने वाले दिनों में हमें हर घर में प्रत्येक सदस्य के लिए एक ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदकर रखना पड़ेगा। याद रखें कि जल की एक-एक बूँद उपयोगी है। हम प्रत्येक घर में 3 से 4 हजार लीटर पानी का उपयोग या दुरूपयोग कर रहे हैं। यदि हम इस पानी और प्राणवायु को धन से जोड़कर देखें तो हिसाब करने पर होश उड़ जाएँगे। हम जितना धन हमारी पीढ़ियों के लिए छोड़कर जाएँगे, उतने धन से तो हम एक दिन का जीवन भी नहीं खरीद पाएँगे। :: माखन चोर नहीं, मिटटी खाने वाले कृष्ण को देखें :: हम माखन चुराने वाले कृष्ण को तो देख रहे हैं पर मुंह में मिटटी रखकर हजारों बरस पहले मृदा संरक्षण का संदेश देने वाले लड्डू गोपाल को भूल रहे हैं। कृष्ण ने मुंह में मिटटी रखकर सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के संरक्षण का सन्देश दिया है। नर्मदा तट का पहला धर्म है सेवा। सेवा में परीक्षा भी होती है। प्रेम और मोह का अंतर समझना पड़ेगा। :: आज दादागुरु के सानिध्य में होगा समापन :: संयोजक राजेंद्र बंसल एवं नित्यम बंसल ने बताया कि कथा में सोमवार 11 मई को शाम 5 से 8 बजे तक तपोनिष्ठ संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान के आशीर्वचन, दर्शन के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन होगा। प्रकाश/10 मई 2026