रायगढ़ (ईएमएस)। जिले में मानसून के आगमन से पहले नगर निगम ने शहर के बड़े नाले-नालियों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन छोटी नालियों की बदहाल स्थिति और अतिक्रमण के कारण जलभराव की समस्या को लेकर चिंता बनी हुई है। शहर के कई हिस्सों में नालियां जाम और गंदगी से भरी हुई हैं। हाल ही में हुई हल्की बारिश के दौरान ही नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता दिखाई दिया, जिससे नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर नालियों पर पक्का निर्माण कर चेंबर तक बंद कर दिए गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर नालियों के ऊपर ही पार्किंग बना ली गई है। इससे पानी की निकासी बाधित हो रही है और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है। नगर निगम प्रशासन ने मानसून को देखते हुए सफाई कार्य तेज कर दिया है। आयुक्त ने सफाई अमले की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं और शहर में अपने संसाधनों से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। निगम ने शहर को 8 जोन में विभाजित कर नाले-नालियों की सफाई का काम शुरू किया है। बड़े नालों की सफाई पोकलेन मशीन से कराई जा रही है। जानकारी के अनुसार, हर साल मानसून से पहले नगर निगम 10 से 12 लाख रुपये खर्च कर नालों की सफाई कराता है, लेकिन अतिक्रमण और नियमित रखरखाव की कमी के कारण समस्या बार-बार सामने आती है। गोपी टॉकीज रोड क्षेत्र में हाल ही में जलभराव की समस्या देखने को मिली थी। इसके बाद बिजली विभाग के सामने से नई नालियों का निर्माण किया गया, लेकिन उनकी सफाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। कोष्टापारा क्षेत्र में भी नालियों की चौड़ाई कम होने और अतिक्रमण के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। सुभाष चौक से गौरीशंकर मंदिर होते हुए कोष्टापारा तक जाने वाली नाली शुरुआत से ही संकरी है, जिससे सफाई कार्य में भी दिक्कत आती है। इसी तरह इतवारी बाजार क्षेत्र में दुकानदारों द्वारा नालियों पर कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया गया है, जिससे सफाई कार्य सीमित हिस्सों तक ही हो पा रहा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई, तो बारिश में एक बार फिर दुकानों और सड़कों में पानी भर सकता है। इस मामले में क्षेत्रीय पार्षद ने भी नालियों की खराब स्थिति को स्वीकार किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण के कारण सफाई में दिक्कत आ रही है और पुरानी नालियों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल नगर निगम की प्राथमिकता मानसून से पहले प्रमुख नालों की सफाई पूरी करना है, ताकि बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सके। - (ईएमएस)11 मई 2026