अंतर्राष्ट्रीय
11-May-2026


दुनिया ‘पागल शासन’ को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकती वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर फिर सख्त रुख दिखाया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी स्पेस फोर्स ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार और सभी परमाणु ठिकानों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति या समूह इन संवेदनशील ठिकानों के करीब पहुंचने की कोशिश करेगा, तब अमेरिकी सेना तुरंत ‘उड़ा देगी’। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह बात कही। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास इतनी उन्नत तकनीक है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान, नाम और लोकेशन तुरंत पता लग सकती है। ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताकत को लेकर भी बड़े दावे किए। उनके मुताबिक, ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है, और अमेरिका अब तक उसके करीब 70 प्रतिशत रणनीतिक लक्ष्यों को नष्ट कर चुका है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका अभी सैन्य कार्रवाई रोक भी दे, तब भी ईरान को अपनी पुरानी ताकत हासिल करने में करीब 20 साल लग सकते हैं। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अगले दो हफ्तों तक और कार्रवाई की जा सकती है। परमाणु हथियारों के मुद्दे पर ट्रंप ने अपना सख्त दिखाकर कहा कि दुनिया किसी भी ‘पागल शासन’ को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकती। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को मध्य पूर्व और इजरायल के लिए एक बड़ा खतरा बताया। राष्ट्रपति ने 2015 के परमाणु समझौते (जेसीपीओए) से अमेरिका के बाहर निकलने के अपने फैसले का बचाव कर कहा कि यदि वह समझौता जारी रहता, तब ईरान परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता था। इस बीच, तनाव कम करने की दिशा में एक कदम उठाकर ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर अपना जवाब पाकिस्तान के जरिए भेज दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल बातचीत युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल करने पर केंद्रित है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं। आशीष दुबे / 11 मई 2026