अंतर्राष्ट्रीय
11-May-2026


तेहरान (ईएमएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची 14-15 मई को होने वाली ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आ सकते हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया क्षेत्र के मौजूदा हालात और वैश्विक संकटों के समाधान पर गहन चर्चा करना है। उनकी यह यात्रा तब हो रही है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और भारत-ईरान संबंधों को एक नई दिशा मिल सकती है। यह दौरा भारत और ईरान के बीच विस्तारित ब्रिक्स ढांचे के भीतर बढ़ते सहयोग को और मजबूत करेगा। ईरान ने 2024 में मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ब्रिक्स में शामिल होकर इस समूह का विस्तार किया है। भारत इस वर्ष 1 जनवरी को ब्राजील से ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण कर चुका है और यह चौथी बार है जब भारत इस प्रभावशाली समूह का नेतृत्व कर रहा है, जो 2012, 2016 और 2021 में भी शिखर सम्मेलनों की मेजबानी कर चुका है। इस अहम ब्रिक्स बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी 14-15 मई को भारत में उपस्थित रह सकते है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह आयोजन वर्तमान अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और वैश्विक शासन को मजबूत करने की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री भी इन चर्चाओं में भाग लेंगे, जिससे वैश्विक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इन चर्चाओं की पृष्ठभूमि में, ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ जारी तनाव पूरे पश्चिम एशिया में उथल-पुथल मचा रहा है। हाल ही में ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया है, यह शर्त रखते हुए कि जब तक उनके देश में हुए भारी नुकसान की भरपाई नहीं हो जाती, तब तक किसी तरह की वार्ता संभव नहीं है। यह स्थिति ब्रिक्स मंच पर पश्चिम एशिया के हालात पर होने वाली चर्चाओं को और भी संवेदनशील तथा महत्वपूर्ण बनाती है। आशीष दुबे / 11 मई 2026