क्षेत्रीय
11-May-2026
...


- ‘प्रोजेक्ट मंथन राजस्व सुधार अभियान’ शुरू, बकायेदारों की संपत्ति जब्ती और नीलामी की तैयारी उल्हासनगर, (ईएमएस)। उल्हासनगर महापालिका ने आर्थिक विकास और राजस्व वृद्धि के लिए अब कड़ा रुख अपनाया है। महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले की संकल्पना से ‘प्रोजेक्ट मंथन राजस्व सुधार अभियान’ की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत लंबे समय से कर बकाया रखने वाले संपत्ति धारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खासतौर पर 15 लाख रुपये से अधिक की रकम बाकी रखने वालों की संपत्तियों को सील करने, जब्त करने और जरूरत पड़ने पर नीलामी तक की कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। इतना ही नहीं मनपा प्रशासन अब शहर की प्रत्येक संपत्ति का जियो टैगिंग और डिजिटल मैपिंग करेगा। इसके तहत संपत्ति मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और संपत्ति का उपयोग आवासीय है या व्यावसायिक, इसकी प्रत्यक्ष जांच की जाएगी। साथ ही रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को भी सुधारा जाएगा, ताकि कर प्रणाली अधिक पारदर्शी और सटीक बन सके। - घर बैठे ऑनलाइन भर सकेंगे टैक्स नागरिकों को कर भुगतान में सुविधा देने के लिए प्रशासन ने 30 अप्रैल तक सभी बिल तैयार करने और 15 मई तक उन्हें व्हॉट्सऐप, एसएमएस और ई-मेल के जरिए भेजने का लक्ष्य तय किया है। हर बिल पर क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिससे लोग घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकेंगे। - बकायेदारों को तीन श्रेणियों में किया महानगरपालिका ने बकायेदारों को तीन श्रेणियों- बड़े, मध्यम और छोटे समूहों में बांटा है। 15 लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे मामलों में नोटिस जारी करने, वॉरंट निकालने, संपत्ति जब्त करने और नीलामी की कार्रवाई तक की तैयारी की जा रही है। - मोबाइल टावर और व्यावसायिक संपत्तियों पर भी नजर मनपा प्रशासन ने मोबाइल टावरों और व्यावसायिक संपत्तियों से कर वसूली पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। जिन लोगों के चेक बाउंस होने के कारण बकाया राशि लंबित है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। - ‘प्रोजेक्ट मंथन’ के जरिए संपत्ति कर प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाएगा- आयुक्त महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट मंथन’ के जरिए संपत्ति कर प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाएगा। उनका कहना है कि शहर के सर्वांगीण विकास के लिए महापालिका का आर्थिक रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है और इस अभियान को सफल बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। संतोष झा- ११ मई/२०२६/ईएमएस