पटना (ईएमएस)। बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार सख्त निर्देश देते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पुलिस-प्रशासन को साफ शब्दों में कहा था कि जब तक कोई बेटी सुरक्षित अपने घर नहीं पहुंच जाती, तब तक पुलिस चैन से नहीं बैठेगी। सरकार के इस संदेश का उद्देश्य राज्य की बेटियों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना था। लेकिन सारण जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इन दावों और निर्देशों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एकमा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार पीड़िता सारण जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है और हंसराजपुर स्थित एक लाइब्रेरी में पढ़ाई करने जाती थी। रविवार की सुबह करीब 11 बजे वह अपने एक परिचित युवक के साथ मोटरसाइकिल से लौट रही थी। इसी दौरान गंजरपर पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार दो युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने चाकू दिखाकर दोनों को धमकाया और जबरन भरोपुर कब्रगाह के पास झाड़ियों की ओर ले गए। इसके बाद आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी को भी मौके पर बुला लिया। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि तीनों आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। घटना के दौरान एक आरोपी ने खुद को “रौनक सिंह” बताया और कहा कि वह काफी दिनों से छात्रा का पीछा कर रहा था। इस खुलासे के बाद यह आशंका और गहरी हो गई है कि आरोपी पहले से छात्रा की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। घटना के दौरान छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पीड़िता गहरे सदमे में है, वहीं स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की सूचना मिलते ही एकमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण छपरा सदर अस्पताल में कराया गया है। साथ ही मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। एकमा थानाध्यक्ष राम बालक यादव ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की जाएगी तथा पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है। यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद अगर बेटियां दिनदहाड़े सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चिंता बढ़ाने वाला विषय है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस बाकी आरोपियों को कितनी जल्दी गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित करती है। चन्द्रबली सिंह / ईएमएस / 11/05/ 2026