क्षेत्रीय
12-May-2026
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गौरेला (ईएमएस)। जिले के नगरपालिका की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। एक ओर शहर के लोग भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर नगरपालिका की अनदेखी के चलते हजारों लीटर शुद्ध पेयजल सड़कों और नालियों में बहता रहा। घटना ने नगर की जल प्रबंधन व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला गौरेला नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 03 का है, जहां स्थित मुख्य पानी की टंकी बीती रात आधी रात के बाद ओवरफ्लो हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टंकी से तेज बहाव में गिरता पानी किसी झरने जैसा दिखाई दे रहा था। टंकी पूरी तरह भर जाने के बाद भी समय पर मोटर और पंप बंद नहीं किया गया, जिसके कारण हजारों लीटर पानी लगातार बहता रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसी तरह पानी की भारी बर्बादी हो चुकी है, लेकिन नगरपालिका ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। लोगों ने सीधे तौर पर वाटर ऑपरेटर और जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। रहवासियों का कहना है कि जिस टंकी से नगर के अधिकांश हिस्सों में जलापूर्ति होती है, उसी टंकी से पानी यूं बर्बाद होना बेहद चिंताजनक है। कई मोहल्लों में लोग नियमित जलापूर्ति नहीं होने से परेशान हैं, जबकि दूसरी ओर प्रशासन की लापरवाही के कारण हजारों लीटर पानी नालियों में बहाया जा रहा है। घटना के दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पंप बंद कर दिया जाता, तो पानी की इतनी बड़ी बर्बादी रोकी जा सकती थी। गर्मी के इस मौसम में जहां प्रशासन पानी बचाने के संदेश दे रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर जिम्मेदार विभाग ही उन संदेशों को नजरअंदाज करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जल टंकियों की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। - (ईएमएस)12 मई 2026