व्यापार
12-May-2026


- निजी खपत और औद्योगिक सुस्ती, उच्च ऊर्जा लागत बनी मुख्य वजह नई दिल्ली (ईएमएस)। मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में कटौती की घोषणा की है। एजेंसी ने 2026 और 2027 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर को 6 प्रतिशत पर संशोधित किया है, जिसका मुख्य कारण निजी खपत और औद्योगिक गतिविधियों में कमी के साथ-साथ बढ़ती ऊर्जा लागत है। वैश्विक साख निर्धारण एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने अपनी ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई संस्करण में 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 0.8 प्रतिशत अंक घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है। इसके अतिरिक्त, कैलेंडर वर्ष 2027 के लिए भी जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान में 0.5 प्रतिशत अंक की कटौती करते हुए इसे छह प्रतिशत पर ला दिया गया है।मूडीज ने इस संशोधन के पीछे निजी खपत में सुस्ती, औद्योगिक गतिविधियों में नरमी और लगातार ऊंची बनी हुई ऊर्जा लागत को प्रमुख कारण बताया है। एजेंसी ने यह भी चेताया कि अगले छह महीनों में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी तथा ईंधन एवं उर्वरक की कमी का असर विभिन्न देशों पर उनकी निर्भरता और लचीलेपन के आधार पर अलग-अलग होगा। एजेंसी के अनुसार वैश्विक परिदृश्य अत्यधिक अनिश्चित बना हुआ है। मूडीज ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भारत ऊंची तेल कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है। हालांकि, एजेंसी ने यह भी उम्मीद जताई है कि ऊर्जा आपूर्ति में सुधार और शिपिंग प्रवाह के सामान्य होने के साथ ये दबाव धीरे-धीरे कम होंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों में सुधार आएगा। सतीश मोरे/12मई ---