राष्ट्रीय
12-May-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 3 मई को आयोजित यह परीक्षा, इसके बाद रद्द किया गया, बड़े पैमाने पर मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि अगर सरकार ठीक से परीक्षाएं नहीं करा सकती, तब वह किस काम की है और लाखों छात्रों का भविष्य क्यों दांव पर लगाया जा रहा है। नई दिल्ली में एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर केजरीवाल ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहली बार नहीं है जब नीट का पेपर लीक हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि ऐसा 2017, 2021 और 2024 में भी हो चुका है। केजरीवाल ने सवाल उठाया, 2017 और 2021 में परीक्षा का पेपर लीक करने वालों को क्या सजा मिली? 2024 में पेपर लीक करने वाले सभी को जमानत मिली और वे अब बाहर हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे उन्हें अगले पेपर लीक की तैयारी करने को कहा गया था। इस पूरी तरह से मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण का मामला बताकर उन्होंने सरकार की अक्षमता पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाया। केजरीवाल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों द्वारा की गई कड़ी मेहनत और त्याग को भी रेखांकित किया। अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा कर बताया कि कैसे उन्होंने आईआईटी और सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी की थी, और उन कठिनाइयों को समझा जिनके माध्यम से छात्र गुजरते हैं। उन्होंने उन गरीब परिवारों का उल्लेख किया जो अपने बच्चों को कोचिंग दिलाने के लिए अपनी ज़मीनें तक बेच देते हैं। इसतरह पेपर लीक से छात्रों की तपस्या और बलिदान व्यर्थ हो जाता है, जिससे देश के भविष्य पर गहरा असर पड़ता है। आशीष दुबे / 12 मई 2026