अंतर्राष्ट्रीय
13-May-2026
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अमेरिकी दस्तावेजों ने खोली पाकिस्तान की पोल वॉशिंगटन(ईएमएस)। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व द्वारा किए जा रहे दावों की हकीकत अब अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों के जरिए सामने आ गई है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने दावा किया था कि भारत ने अमेरिका के माध्यम से संघर्ष विराम की पहल की थी, लेकिन अमेरिकी आधिकारिक रिकॉर्ड्स ने इस झूठ का पर्दाफाश कर दिया है। रिकॉर्ड्स के मुताबिक, 6 मई से 9 मई 2025 के बीच, जब भारतीय सेना आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी, तब पाकिस्तान ने मात्र 88 घंटों के भीतर करीब 60 बार अमेरिकी प्रशासन से संपर्क साधा। इनमें अमेरिकी सांसद, कांग्रेस स्टाफ, रक्षा अधिकारी, ट्रेजरी विभाग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर के कार्यालय शामिल थे। अमेरिका के फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत दर्ज दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि भारत की सैन्य कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान ने वाशिंगटन में बड़े पैमाने पर कूटनीतिक गिड़गिड़ाहट और लॉबिंग का सहारा लिया था। पाकिस्तान के राजदूत ने हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मस्ट और सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून जैसे प्रभावशाली नेताओं के दफ्तरों से मीटिंग के लिए लगातार मिन्नतें की थीं। विशेष रूप से 9 मई को पाकिस्तान की छटपटाहट अपने चरम पर थी, जब उसने रक्षा प्रतिष्ठानों के साथ 25 से अधिक बार संपर्क करने की कोशिश की। ज्ञात हो कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। भारत ने इसे एक नॉन-एस्केलेटरी और आतंकियों के खिलाफ केंद्रित कार्रवाई बताया था। इन दस्तावेजों से साफ है कि भारत का ध्यान आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कड़ा संदेश देने पर था, जबकि पाकिस्तान बदहवास होकर अमेरिकी शरण में जाने की कोशिश कर रहा था। भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि संघर्ष विराम की पहल पाकिस्तान की ओर से हुई थी। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क कर सैन्य कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई थी, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संदर्भ में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले को अब जंग की कार्रवाई माना जाएगा। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि ऑपरेशन सिंदूर का केवल 88 घंटे का सैन्य चरण पूरा हुआ है, अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। इन खुलासों ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की दोहरी नीति और उसके सैन्य नेतृत्व के खोखले दावों को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। वीरेंद्र/ईएमएस 13 मई 2026