अंतर्राष्ट्रीय
13-May-2026
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बीजिंग(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की अत्यंत महत्वपूर्ण और पहली आधिकारिक यात्रा पर आज शाम चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच रहे हैं। वर्ष 2017 के बाद यह ट्रंप का पहला चीन दौरा है, जो एक ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था गहरे संकट के दौर से गुजर रही है। दो दिनों तक चलने वाली इस शिखर वार्ता में ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आमने-सामने की मुलाकात होगी, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें जमी हुई हैं। इससे पहले दोनों दिग्गज नेताओं ने अक्टूबर 2025 में दक्षिण कोरिया के बुसान में मुलाकात की थी, लेकिन बीजिंग की यह बैठक रणनीतिक लिहाज से कहीं अधिक व्यापक मानी जा रही है। इस दौरे का सबसे संवेदनशील और प्रमुख मुद्दा ईरान के साथ चल रहा सैन्य संघर्ष है। अमेरिका को उम्मीद है कि चीन ईरान पर अपने कूटनीतिक और आर्थिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उसे बातचीत की मेज पर लाएगा। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खुलवाने पर चर्चा केंद्रित रहेगी, क्योंकि यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार की जीवनरेखा है। युद्ध के कारण विश्व स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे अमेरिका में घरेलू स्तर पर ट्रंप प्रशासन पर पेट्रोल के दाम कम करने का भारी दबाव है। व्यापार और आर्थिक सहयोग भी इस वार्ता के केंद्र में रहेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी चीन पहुंचा है। अमेरिका की प्राथमिकता है कि चीन अमेरिकी कृषि उत्पादों, ऊर्जा संसाधनों और विशेष रूप से बोइंग विमानों की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि करे। हालांकि, ताइवान का मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव की एक स्थायी वजह बना हुआ है। चीन चाहता है कि अमेरिका ताइवान को सैन्य और कूटनीतिक समर्थन देना कम करे, जबकि वाशिंगटन इस क्षेत्र में शांति और यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में है। इसके अतिरिक्त, उभरती हुई तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े वैश्विक खतरों और भविष्य के सहयोग पर भी दोनों नेताओं के बीच सहमति बनाने की कोशिश होगी। यद्यपि विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से रातों-रात कोई ऐतिहासिक महा-समझौता होने की संभावना कम है, फिर भी छोटे आर्थिक समझौतों और निरंतर संवाद की प्रक्रिया का शुरू होना ही वैश्विक अस्थिरता को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। चीन की सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था और अमेरिका की मुद्रास्फीति दोनों ही नेताओं को एक मध्यम मार्ग खोजने के लिए प्रेरित कर सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस/13मई 2026