अंतर्राष्ट्रीय
13-May-2026
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मिसाइल हमले के डर से सड़क पर आ गए लोग तेहरान(ईएमएस)। युद्ध की विभीषिका झेल रहे ईरान में बीती रात कुदरत के कहर ने एक बार फिर दहशत पैदा कर दी। ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार रात को 4.6 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। यह क्षेत्र तेहरान और माज़ंदरान के बीच का सीमावर्ती इलाका बताया जा रहा है। आधी रात को जब भूकंप आया, तो उस वक्त ज्यादातर लोग सो रहे थे। झटके इतने तेज थे कि लोगों की नींद खुल गई और पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई। वर्तमान में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष के कारण लोगों के मन में इस कदर डर बैठा है कि झटके महसूस होते ही कई नागरिकों को लगा कि शायद फिर से कोई बड़ा हवाई हमला या मिसाइल अटैक हुआ है। इसी डर के कारण लोग अपने घरों से निकलकर खुले मैदानों और सड़कों की ओर भागने लगे। हालांकि, कुछ समय बाद जब स्थिति स्पष्ट हुई कि यह प्राकृतिक भूकंप था, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। ईरान के सरकारी मीडिया और प्रसारक आईआरआईबी की शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस भूकंप से फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद से ही ईरान में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच जब भी धरती कांपती है, तो सोशल मीडिया और आम चर्चाओं में मिसाइल परीक्षण या गुप्त परमाणु परीक्षण की अटकलें तेज हो जाती हैं। हालांकि, वैज्ञानिक आंकड़ों ने अब तक इन दावों की पुष्टि नहीं की है और इन्हें प्राकृतिक हलचल ही बताया है। भूकंप की यह सक्रियता केवल ईरान तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों में दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों में भी धरती हिली है। हाल ही में नेपाल के दार्चुला जिले में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र तपोवन में था। वहीं, भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भी शुक्रवार को 3.5 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों और मध्य-पूर्व के देशों में लगातार आ रहे ये छोटे और मध्यम श्रेणी के भूकंप भूगर्भीय हलचलों की ओर इशारा कर रहे हैं। फिलहाल, तेहरान प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/13मई 2026