-मेडिकल कॉलेज की गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ. शिखा जैन पर इलाज में लापरवाही के आरोप -कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग शिवपुरी (ईएमएस)। शिवपुरी के प्राइवेट सुखदेव हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका के पति गगन अग्रवाल ने जिलाधीश को शिकायती आवेदन देकर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने और दो शासकीय चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। शासकीय ड्यूटी समय में निजी अस्पताल में सर्जरी की- शिकायत के अनुसार, गगन अग्रवाल की पत्नी निधि अग्रवाल की 28 मार्च 2026 को सुखदेव हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलेवरी मेडिकल कॉलेज की गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ. शिखा जैन द्वारा की गई। आरोप है कि शासकीय ड्यूटी समय में निजी अस्पताल में सर्जरी की गई। कलेक्टर को दिए आवेदन में कहा गया है कि डिलेवरी के बाद सुबह 09:30 बजे से मरीज को ब्लीडिंग और यूरिन न आने की समस्या हुई। स्टाफ को बताने के बावजूद अस्पताल में कोई महिला रोग विशेषज्ञ मौजूद नहीं थी। कई बार बुलाने पर डॉ. जैन रात 07:45 बजे पहुंचीं और सामान्य समस्या बताकर चली गईं। आरोप है कि लगभग 12 घंटे तक डॉक्टर द्वारा विजिट न करने से मरीज की किडनी फैल हो गई। हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किया- हालत बिगड़ने पर रात 02-03 बजे मरीज को मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किया गया, जहां भर्ती के 4-5 घंटे बाद ही उनकी मृत्यु हो गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लापरवाही छुपाने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड में हेल्प सिंड्रोम दर्ज किया गया। सुखदेव हॉस्पिटल में यूरिन न आने पर भी नेफ्रोलॉजिस्ट को नहीं बुलाया गया। बिना पंजीयन क्लिनिक चल रही- पत्र में यह भी आरोप है कि डॉ. शिखा जैन अपने पति डॉ. गौरव जैन के साथ 29 श्रीराम कॉलोनी में बिना सीएमएचओ पंजीयन के क्लिनिक चला रही हैं। साथ ही जिला अस्पताल के निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. आर.पी. सिंह पर भी निजी अस्पताल में सेवाएं देने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने सुखदेव हॉस्पिटल के संचालक डॉ. दीपक गौतम, डॉ. शिखा जैन और डॉ. आर.पी. सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के साथ अस्पताल के बिल, पर्चे व डॉक्टरों की सूची जैसे दस्तावेज भी लगाए गए हैं। रंजीत गुप्ता/ईएमएस/13/05/2026