क्षेत्रीय
13-May-2026
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- युवा उद्यमी श्रेय शर्मा की ‘जेंगोह’ ने खींचा दुनिया का ध्यान; अब रक्षा मंत्रालय के लिए काम करेगी इंदौर की तकनीक इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता में सिरमौर इंदौर अब सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी वैश्विक पटल पर अपनी मेधा का लोहा मनवा रहा है। शहर के युवा उद्यमी और आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र श्रेय शर्मा ने एआई तकनीक के माध्यम से दोहरी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उनके द्वारा निर्मित महज 6 मिनट की शॉर्ट फिल्म ने जहां बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल-2026 में भारत का परचम लहराया, वहीं दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में भी अपनी तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के सीईओ श्रेय शर्मा ने बताया कि इस एआई फिल्म को तीन कालखंडों में पिरोया गया है। फिल्म के शुरुआती 2 मिनट में प्राचीन भारत के शून्य का आविष्कार, आयुर्वेद और अंतरिक्ष यात्रा का गौरवशाली इतिहास दिखाया गया है। मध्य के 2 मिनट में वर्तमान भारत की शक्ति ब्रह्मोस और यूपीआई के माध्यम से सशक्त होती अर्थव्यवस्था को प्रदर्शित किया गया है। वहीं, अंतिम 2 मिनट में भविष्य के भारत की भव्य तस्वीर को वंदे मातरम के सुरों के साथ उसी तर्ज पर फिल्माया गया है, जैसे कभी मिले सुर मेरा तुम्हारा लोकप्रिय हुआ था। इसमें एआई की मदद से देश के पर्यटन स्थलों और प्रतिभाओं को भविष्य के भारत के साथ साझा किया गया है। :: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने थपथपाई पीठ :: दिल्ली में आयोजित समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, जहां सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वेव एक्स विभाग ने विशेष रूप से इंदौर की इस कंपनी का चयन किया। मध्यप्रदेश सरकार के पेवेलियन में भी इस फिल्म को मुख्य स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्तिगत रूप से इस तकनीकी नवाचार की सराहना करते हुए श्रेय को बधाई दी। :: रक्षा मंत्रालय का बुलावा और सिंहस्थ की तैयारी :: इंदौर की इस कंपनी की बढ़ती साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने इन्हें एक विशेष प्रोजेक्ट के लिए आमंत्रित किया है। साथ ही, यह टीम आगामी सिंहस्थ मेले की तैयारियों के लिए भी मध्यप्रदेश सरकार के साथ एक विशेष प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही है। भंवरकुआं स्थित अतुल आईटी पार्क से संचालित यह कंपनी ऐसे डिजिटल एम्प्लाइज (AI एजेंट्स) बना रही है जो सुनने, बोलने और कंटेंट तैयार करने में सक्षम हैं। :: अमेरिका की नौकरी छोड़ इंदौर में रची इबारत :: श्रेय की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। आईआईटी खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में डिग्री लेने के बाद उन्होंने अमेरिका में पिन्टरेस्ट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में 5 साल सेवाएं दीं। उनके नाम पर कई अंतरराष्ट्रीय पेटेंट भी दर्ज हैं। अपने पिता राममिलन शर्मा के मार्गदर्शन में उन्होंने 20 जून 2019 को न्यूजेरा टेक लैब के माध्यम से अपना सफर शुरू किया। आज वे दुनिया के टॉप-10 एआई विशेषज्ञों की सूची में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। प्रकाश/13 मई 2026