क्षेत्रीय
13-May-2026
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- 20 दिनों में दौड़ेगी गाड़ियां, भागलपुरवासियों को मिलेगी बड़ी राहत भागलपुर, (ईएमएस)। बिहार के भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर यातायात बहाल करने की कवायद तेज हो गई है। सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले कई दिनों से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब राहत की उम्मीद बढ़ गई है। सीमा सड़क संगठन यानी सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मोर्चा संभाल लिया है और अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, बीआरओ की करीब 100 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम मंगलवार देर रात भागलपुर पहुंची। टीम के पहुंचते ही विक्रमशिला सेतु पर तकनीकी सर्वे, हाई-टेक फोटोग्राफी और निर्माण से जुड़ी तैयारियां शुरू कर दी गईं। अधिकारियों का कहना है कि अगले 20 दिनों के भीतर बेली ब्रिज बनाकर तैयार कर लिया जाएगा, जिससे एक बार फिर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। बताया जा रहा है कि यह अस्थायी बेली ब्रिज लगभग 49 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा होगा। पुल के तैयार होने के बाद हजारों लोगों को राहत मिलेगी, जो फिलहाल नाव या लंबे वैकल्पिक मार्गों के सहारे सफर करने को मजबूर हैं। खासकर भागलपुर, नवगछिया और आसपास के जिलों के लोगों की निगाहें अब इसी परियोजना पर टिकी हुई हैं। निर्माण कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सेतु पर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। पुल के दोनों छोर पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा न आए और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। बीआरओ की टीम ने काम शुरू करने से पहले क्षतिग्रस्त हिस्से की हर एंगल से तस्वीरें लेकर तकनीकी जांच की। विशेषज्ञ पुल की स्थिति का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि लोहे की प्लेटों और अन्य संरचनाओं को पूरी सटीकता के साथ लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब निर्माण कार्य को और तेज किया जाएगा। मालूम हो कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर समेत आसपास के कई इलाकों की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। रोजाना हजारों लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी, जबकि कई लोग जान जोखिम में डालकर नाव से गंगा पार करने को मजबूर थे। ऐसे में बेली ब्रिज का निर्माण क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। संतोष झा- १३ मई/२०२६/ईएमएस